Moneycontrol » समाचार » कंपनी समाचार

बैंक ऑफ इंग्लैंड ने इनवेस्टर्स को दी चेतावनी, बोले- क्रिप्टोकरेंसी की कोई वास्तविक वैल्यू नहीं

पिछले कुछ वर्षों में बिटकॉइन की वैल्यू तेजी से बढ़ी है। इसे कानूनी दायरे में लाने की मांग भी हो रही है
अपडेटेड May 07, 2021 पर 21:48  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रूयू बेली ने कहा है कि क्रिप्टोकरेंसी की कोई मजबूत वैल्यू नहीं है और इनमें इनवेस्ट करने वालों को अपनी पूरी रकम गंवाने के लिए तैयार रहना चाहिए। बेली ने क्रिप्टोकरेंसी की बढ़ती वैल्यू के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में बताया, "इसकी कोई वास्तविक वैल्यू नहीं है। इसका यह मतलब नहीं है कि लोग इस पर वैल्यू नहीं रखते क्योंकि इसकी बाहरी वैल्यू है। लेकिन इसकी कोई वास्तविक वैल्यू नहीं है।"


उनका कहना था कि मैं इसे दोबारा स्पष्ट शब्दों में कह रहा हूं कि इसे तभी खरीदें जब आप अपनी पूरी रकम गंवाने के लिए तैयार हों।


इस वर्ष क्रिप्टोकरेंसी में बहुत तेजी से हुई बढ़ोतरी से एक बार फिर इसमें 2017 की तरह बबल बनने की आशंका जताई जा रही है। 2017 में बिटकॉइन (bitcoin) की वैल्यू बढ़कर लगभग 20,000 डॉलर पर पहुंच गई थी लेकिन इसके एक वर्ष बाद यह गिरकर 3,122 डॉलर पर आ गया था।


हालांकि, क्रिप्टोकरेंसी का पक्ष  लेने वालों का कहना है कि 2017 के बाद से स्थिति बहुत बदली है और इंस्टीट्यूशंस के इसे अपनाने से इसे कानूनी दायरे में लाने में मदद मिलेगी।


फरवरी में यह रिपोर्ट आई थी कि मॉर्गन स्टेनली की इनवेस्टमेंट यूनिट बिटकॉइन के इनवेस्टर्स के लिए एक अच्छा विकल्प बनने की संभावना का आकलन कर रही है।


अमेरिका की इलेक्ट्रिक कारें बनाने वाली कंपनी टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) ने पेमेंट के एक जरिए के तौर पर बिटकॉइन को स्वीकार करना शुरू कर दिया है। टेस्ला ने बिटकॉइन में 1.5 अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट भी किया है। हालांकि, कंपनी ने 26 अप्रैल को बिटकॉइन में अपनी होल्डिंग का 10 प्रतिशत बेच दिया था।


भारत में भी बिटकॉइन को रेगुलेट करने और इसे एक एसेट के तौर पर मानने की मांग उठ रही है। इस बारे में एक इंडस्ट्री संगठन ने सरकार को प्रपोजल भी भेजा है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।