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Infosys मामले में बड़ा खुलासा, Whistleblower का साथ को-फाउंडर ने दिया: सूत्र

सूत्रों के मुताबिक को-फाउंडर और पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने Whistleblower को जानकारी दी।
अपडेटेड Nov 07, 2019 पर 09:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंफोसिस मामले में अहम खुलासा हुआ है। MONEYCONTROL को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक किसी को-फाउंडर और पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने व्हिसलब्लोअर के साथ मिलकर कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सूत्रों के मुताबिक को-फाउंडर और पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने Whistleblower को जानकारी दी। इसी जानकारी के बल पर Whistleblower ने कंपनी के कॉरपोरेट गवर्नेंस पर गंभीर सवाल उठाए। Whistleblower ने आरोप लगाया कि कंपनी के प्रबंधन की तरफ से मुनाफा और आय बढ़ाने के लिए अनैतिक कदम उठाए गए। बता दें कि Whistleblower के आरोप के बाद शेयर 16 फीसदी टूटा था।


हालांकि कंपनी ने इन आरोपों को सिरे से नाकार दिया है। INFOSYS के चेयरमैन NANDAN NILEKANI ने कहा है कि वे को-फाउंडर पर लगाए गए आरोपों की निंदा करते हैं। कंपनी की छवि बिगाड़ने के मकसद से ये आरोप लगाए गए हैं। अटकलों से छवि बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। को-फाउंडर अब भी Infosys की लंबी अवधि की सफलता के लिए प्रतिबद्ध हैं। लेकिन अज्ञात लोगों के जरिए गलत आरोप लगाने की कोशिश हो रही है। उचित समय पर इस पर हो रही जांच की रिपोर्ट साझा की जाएगी।


उन्होंने आगे कहा कि बदलाव को समझने वाले Enterprises ही नई इकोनॉमी को लीडर देते हैं। कंपनी ऊंचे स्तर के कॉरपोरेट गवर्नेंस स्टैंडर्ड के लिए प्रतिबद्ध है। हमने पिछले 15 साल से Whistleblower पॉलिसी को अपनाया है। ईमानदारी और पारदर्शिता हमारे कारोबार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। हम Whistleblower की शिकायतों को गंभीरता से लेते हैं। कंपनी का फोकस कॉरपोरेट गवर्नेंस स्टैंडर्ड को मजबूत बनाए रखने पर है। कंपनी को मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस स्टैंडर्ड विरासत में मिली है। हम CEO सलील पारेख को मजबूत ग्रोथ के संचालन का श्रेय देते हैं।


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