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Elon Musk ने ऐसा क्या ट्वीट कर दिया कि Bitcoin की तेजी पर लगा ब्रेक, जानिए क्या है पूरी कहानी

टेस्ला के सीईओ Elon Musk ने कहा था कि बिटकॉइन की कीमतें कुछ ज्यादा ही ऊपर चली गई हैं
अपडेटेड Feb 23, 2021 पर 17:39  |  स्रोत : Moneycontrol.com

58,300 डॉलर का रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद 2 दिन में आई बिकवाली के चलते बिटकॉइन (Bitcoin) की कीमतों में 18 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है और ये अहम क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) 50,000 डॉलर के नीचे फिसल गई है। ये स्टोरी लिखे जाते वक्त बिटकॉइन 10.12 फीसदी नीचे यानी 50,364.52 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था।


इस अहम क्रिप्टोकरेंसी में 56,668.45 डॉलर का 24 घंटे का हाई और  47,780.75 डॉलर का 24 घंटे का लो देखने को मिला है। इस साल अब तक स्थिति पर नजर डालें तो बिटकॉइन करीब 73 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। हालांकि फाइनेशिंयल मार्केट में सामान्य तौर पर दिख रही कमजोरी का असर बिटकॉइन पर आया है लेकिन टेस्ला के सीईओ Elon Musk ने अपने ताजे ट्ववीट में कहा था कि  क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) में अब गिरावट की शुरुआत हो सकती है।


शनिवार को टेस्ला चीफ Elon Musk ने ट्ववीट करते हुए कहा था बिटकॉइन और ethereum इस समय काफी महंगे हो गए हैं। Elon Musk जाने माने अर्थशास्त्री और क्रिप्टोकरेंसी पर नजर रखने वाले Peter Schiff के सवालों का जवाब दे रहे थे। जिनका कहना है कि गोल्ड बिटकॉइन और कैश दोनों की तुलना में बेहतर निवेश विकल्प है।


बिटकॉइन में हालिया बढ़त की मुख्य वजह उसको मुख्य धारा की कंपनियों और निवेशकों से मिल रही सामान्य स्वीकृत के संकेत रहे हैं। Musk ने खुद ट्वीट करके कहा था कि टेस्ला ने 1.5 अरब डॉलर के  बिटकॉइन की खरीद की है। टेस्ला की तरफ से यह भी कहा गया था कि वह अपने प्रोडक्ट की खरीद के लिए बिटकॉइन में पेमेंट लेने की शुरुआत करेगी।


बिटकॉइन में हाल ही में आई जोरदार बढ़त को लेकर तमाम विश्लेषक क्रिप्टोकरेंसी को लेकर आशंका व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि अभी भी क्रिप्टोकरेंसीज को अधिकारिक मान्यता नहीं है औऱ यही इसके लिए सबसे बड़ा जोखिम भी है।


Allianz के Mohamed A El-Erian ने कहा कि बिटकॉइन को लेकर सबसे ज्यादा जोखिम सरकारों की तरफ से है। एक तरफ प्राइवेट सेक्टर बिटकॉइन  को निवेश और भुगतान दोनों के तौर पर मंजूरी देता नजर आ रहा है। वहीं विभिन्न देशों की सरकारों की तरफ से अभी भी इसको मान्यता नहीं दी गई है। तमाम देशों में इसपर प्रतिबंध की तलवार भी लटक रही है।


बिटकॉइन की कीमतों में होनेवाला भारी  उतार-चढ़ाव और इसके पीछे किसी स्पष्ट सपोर्ट का अभाव भी इससे जुड़े जोखिम को और बढ़ा देता है।


जानकारों का कहना है कि यह पूरी तरह से 1636 के Dutch tulips की तरह की  speculative asset है। जिसको देखकर सवाल यह उठता है कि क्या इसका भविष्य भी Dutch tulips की तरह  की होगा।


बता दें कि Dutch tulips  1637 में पूरी तरह से धराशाही होने के पहले अभूतपूर्व औऱ अप्रत्याशित हाई लेवल पर पहुंच गया था।


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