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चीन में Jack Ma की कंपनियों पर शिकंजा चाइनीज टेक कंपनियों के सुनहरे दिनों का अंत, अगला नंबर किसका?

जैक मा की कंपनियों के खिलाफ चीन सरकार की बड़ी कार्रवाई से एक चीज साफ है, वो ये कि चीन में टेक्नोलॉजी और इंटरनेट कंपनियों के सुनहरे दिन खत्म हो गए हैं
अपडेटेड Apr 15, 2021 पर 09:28  |  स्रोत : Moneycontrol.com

चीन के सबसे बड़े उद्योगपति जैक मा (Jack Ma) और उनकी कंपनियों अलीबाबा (Alibaba) और एंट ग्रुप (Ant Group) के खिलाफ चीन सरकार की बड़ी कार्रवाई से एक चीज तो साफ है कि चीन में टेक्नोलॉजी और इंटरनेट कंपनियों के सुनहरे दिन खत्म हो गए हैं।

चाइनीज मार्केट रेगुलेटर ने अलीबाबा पर जहां मोनोपोली का फायदा उठाने के आरोप में 2.8 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया, वहीं एंट ग्रुप को बिजनेस को ओवरहॉल करने का आदेश दिया। इसके अलावा मंगलवार को चाइनीज अथॉरिटीज ने 34 कंपनियों से कड़ी पूछताछ की।

पबजी (PUBG) बनाने वाली कंपनी टेनसेंट होल्डिंग्स (Tencent Holdings) और टिकटॉक की पेरेंट कंपनी बाइटडांस (Bytedance) सहित 34 कंपनियों को समन जारी कर SAMR ने पूछताछ की और हिदायत दी कि वे देश के एंटी-मोनोपोली कानून के तहत काम करें।

यह टेक और इंटरनेट कंपनियों को चीन की सरकार की चेतावनी है कि कोई भी कंपनी सरकार द्वारा खींची गई रेड लाइन को क्रॉस नहीं करे। पिछले सप्ताह एंटी-ट्रस्ट कानून (Antitrust Law) का उल्लंघन करने के आरोप में चीन की सरकार ने Alibaba पर 18 अरब युआन यानी 20,500 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया।

चीन के मार्केट रेगुलेटर SAMR ने अलीबाबा होल्डिंग्स को एंटी-मोनोपोली लॉ के उल्लंघन का दोषी पाया। SAMR कहा कि कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने वाले मर्चेंन्ट्स को दूसरे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर जाने से रोकती थी, जो चीन में प्रोडक्ट्स के फ्री ट्रेड का मर्चेंट्स के व्यापार करने के अधिकारों का उल्लंघन है।

अलीबाबा के साथ चीन की सरकार ने पिछले महीने चीन की सबसे बड़ी सोशल मीडिया और वीडियो गेम्स कंपनी टेनसेंट होल्डिंग्स के फाउंडर पोनी मा (Pony Ma) को भी Anti-Trust Law के तहत काम करने को कहा है। साथ ही कंपनी को नए कानून के मुताबिक अपने बिजनेस को ऑवरहॉल करने का निर्देश दिया है।

Anti-Trust के अधिकारियों का पोनी मा से कई घंटे पूछताछ करना इस बात का संकेत हैं कि अब टेनसेंट पर भी एंटी-ट्रस्ट कानून की गाज गिर सकती है, इस जांच के डर के कारण टेनसेंट के वैल्यूएशन में जनवरी, 2021 से अब तक 170 बिलियन डॉलर यानी करीब 2 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई चुकी है।

चीन की सरकार का कहना है कि ये बड़ी इंटरनेट कंपनियां अपनी मोनोपोली से मार्केट में कॉम्पिटिशन को खत्म कर रही हैं और कंज्यूमर्स के डेटा का गलत इस्तेमाल कर रही हैं, साथ ही ये ग्राहकों के हितों से भी खिलवाड़ कर रही हैं। चीन का कहना है कि ये कंपनियां मर्चंट से एक्सक्लूसिलविटी का क्लॉज भरवती हैं और उन्हें किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर अपना सामान बेचने से रोकती हैं।

कंपनियों का अधिग्रहण करना मुश्किल होगा

शंघाई बेस्ड इंवेस्टमेंट फर्म China Skinny के मार्क टैनर ने कहा कि चीन सरकार के इस कदम से चाइना में टेक और इंटरनेट कंपनियों के लिए किसी दूसरी कंपनी का अधिग्रहण करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी अलीबाबा की तरह दूसरी कंपनियों को टार्गेट नहीं किया गया है, लेकिन इससे एक मैसेज साफ गया है कि टेक कंपनियां अब अपने विस्तार को लेकर काफी सतर्क रहेंगी।  

चीन की सबसे बड़ी पेमेंट कंपनी एंट ग्रुप को अब दूसरे रास्ते तलाशने होंगे। इसके साथ ही टेनसेंट Meituan से साथ Pinduoduo Inc भी अपने विस्तार पर लगाम लगा सकती है। चान की सरकार बड़ी इंटरनेट कंपनियों द्वारा डेटा के इस्तेमाल को लेकर चिंतित है। इस वजह से चीन की सरकार इन कंपनियों पर एंटी-ट्रस्ट जांच के बहाने शिकंजा कस रही है।

Credit Suisse के एनालिस्ट केनेथ फॉन्ग (Kenneth Fong) और ऐश्ले वू (Ashley Xu) ने कहा कि अलीबाबा और एंट ग्रुप के बाद अब चान के निशाने पर टेनसेंट और Meituan आ सकते हैं। क्योंकि ये दोनों कंपनियां अपने-अपने क्षेत्र में एकाधिकार रखती हैं। इसके साथ ही दोनों कंपनियां खासकर Meituan अपने ई-कॉमर्स बिजनेस में मर्चेंट्स से एक्सक्लुसिविटी क्लॉज पर साइन कराती है।

वहीं, Chanson & Co के सीईओ ने कहा कि अब सभी कंपनियां चीनी रेगुलेटर्स की रडार पर हैं, जो देश में एंटरप्रेन्योर्स के लिए किसी दुखद सपने से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि चीन में कंपनियों के अंधाधुंध विस्तार और तेज विकास के दिन बीत हए हैं। उन्हें अब सरकार के अधीन रहकर सरकारी नियंत्रण में काम करना होगा। इसलिए जरूरी है कि कंपनियां खुद सुधार करें, सरकार को इसका मौका नहीं दें।

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