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उत्तर प्रदेश बनेगा 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, ये है योगी सरकार का मास्‍टर प्‍लान

CM योगी ने कहा कि राज्य सरकार उद्योग जगत का सहयोग चाहती है
अपडेटेड Sep 21, 2020 पर 20:40  |  स्रोत : Moneycontrol.com

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भारत को 2024-25 में 5 ट्रिलियन डॉलर (5 trillion dollar economy) की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने की बात की थी। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली BJP सरकार ने पीएम मोदी के 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य में योगदान देने के प्रयास में यूपी की अर्थव्यवस्था 1 ट्रिलियन डॉलर (1 trillion dollar economy) तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। सीएम योगी ने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार उद्योग जगत का सहयोग चाहती है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी है।


सीएम योगी ने ट्वीट करके लिखा है कि आदरणीय PM नरेंद्र मोदी जी ने भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। भारत की इस नई विकास गाथा में योगदान करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश ने भी 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि उद्योग जगत के सहयोग से हमारा प्रयास अवश्य सफल होगा। उत्तर प्रदेश में 20,000 एकड़ का लैंड बैंक तैयार है। यूपी सरकार व्यापक लैंड बैंक पॉलिसी की योजना भी बना रही है, जिसमें लैंड लीजिंग, लैंड पूलिंग, एक्सप्रेस-वे के किनारे तेजी से अधिग्रहण आदि विषय सम्मिलित होंगे। उत्तर प्रदेश में उद्यमियों का अभिनंदन है।


सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य को औद्योगिक प्रदेश बनाने का महाभियान शुरू हो गया है। सरकार प्रदेश में निवेश का उत्तम वातावरण सृजित करने के लिए शुरू से ही प्रयासरत रही है। तीन सालों में बहुत कुछ बदला है, बदलाव की यह प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति (प्रदेश स्तरीय उद्योग बंधु) की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था, सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए नई औद्योगिक नीति का नतीजा है कि हम राष्ट्रीय स्तर पर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में 12वें पायदान से नंबर दो पर आ चुके हैं। फरवरी, 2018 की इन्वेस्टर समिट में बदले माहौल और नीतियों का नतीजा भारी निवेश के रूप में दिखा।


उन्होंने कहा कि हम उद्यमियों का स्वागत करते हैं। आप आइए, आपकी हर समस्या तय समय में दूर होगी। उत्तर प्रदेश को औद्योगिक प्रदेश बनाने का महाभियान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन मैन्युफैक्च रिंग, IT, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, वस्त्रोद्योग, पर्यटन और फिल्म आदि क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश में पारंपरिक निवेश के अवसरों के अतिरिक्त सौर ऊर्जा, जैव ईंधन और नागरिक उड्डयन में उपलब्ध असीम संभावनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डिफेंस एवं एयरोस्पेस, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मास्युटिकल उद्योग जैसे सेक्टर अब राज्य में निवेश के नए केंद्र हैं। दादरी में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और बोडाकी में ट्रांसपोर्ट हब, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को उत्तरी भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेंगे।


उन्होंने कहा कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के साथ ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे के पास का क्षेत्र एक आकर्षक निवेश मंजिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति (2017) के साथ 20 से अधिक क्षेत्र-विशिष्ट निवेशोन्मुखी नीतियों के पारदर्शी कार्यान्वयन से राज्य सरकार रोजगार सृजन के लिए निवेश और मेक इन यूपी को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकसित की जा रही डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इससे मेक इन इंडिया डिफेंस के लिए राज्य में विद्यमान विशाल एमएसएमई आधार को लाभ मिलेगा। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।


सीएम ने कहा कि नए निवेशकों के लिए प्रदेश में 20,000 एकड़ का एक लैंडबैंक तैयार है। इसके अलावा, राज्य सरकार एक व्यापक लैंडबैंक पॉलिसी बनाने जा रही है, जिसमें लैंड लीजिंग, लैंड पूलिंग, एक्सप्रेस-वे के किनारे तेजी से भूमि अधिग्रहण, अतिरिक्त भूमि की सब-लीजिंग आदि विषय शामिल होंगे। उन्होंने निवेशकों से कहा, उत्तर प्रदेश आपकी निवेश योजनाओं, CSR गतिविधियों, नवाचार (इनोवेशन) और उद्यमशीलता का सहयोग चाहता है। मुख्यमंत्री ने गैर-आईटी आधारित स्टार्ट-अप्स को भी प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्ट-अप नीति के दायरे का विस्तार करते हुए यूपी स्टार्ट-अप नीति-2020 और यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग नीति-2020 जैसी नई नीतियों की घोषणा भी की गई है।


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