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Coronavirus impact:प्रत्यक्षकर वसूली संशोधित लक्ष्य से 15 % कम रही

टैक्स अधिकारियों का कहना है कि कोरोना के चलते प्रत्यक्षकर वसूली लगभग एक दशक के निचले स्तरों पर पहुंच गई है।
अपडेटेड Apr 02, 2020 पर 15:50  |  स्रोत : Moneycontrol.com

आयकर विभाग ने 1 अप्रैल को सूचित किया है कि वित्तवर्ष 2020 में कर संग्रह में भारी गिरावट हुई है। इस वित्तवर्ष में 9.97 लाख करोड़ रुपये की टैक्स वसूली हुई है जो संशोधित लक्ष्य से 15 फीसदी कम है। टैक्स वसूली से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कोरोना के कहर के चलते प्रत्यक्षकर वसूली लगभग एक दशक के निचले स्तरों पर पहुंच गई है।


यही नहीं कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। वित्तवर्ष 2020 में कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन 16.6 फीसदी की गिरावट के साथ 5.41 लाख करोड़ रुपये रहा है।


हालांकि पर्सनल इनकम टैक्स के मोर्च पर कुछ राहत देखने को मिली है।  वित्तवर्ष 2020 में  पर्सनल इनकम टैक्स कलेक्शन सालना आधार पर 2.8 फीसदी बढ़ा है। बता दें कि वित्तवर्ष 2019 में 4.43 लाख करोड़ की पर्सनल इनकम टैक्स वसूली हुई थी।



33 फीसदी हिस्सेदारी के साथ टैक्स कलेक्शन में  मुंबई सर्कल का सर्वाधिक योगदान रहा। लेकिन यहां भी  3.10 लाख करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य से 16 फीसदी की कमी देखने को मिली।



टैक्स से जुड़े मामलों की वकील आरती साठे का कहना है कि टैक्स कलेक्शन में गिरवट की मुख्य वजह लॉकडाउन से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। कोरोना वायरस के इस अभूतपूर्व संकट के चलते लोगों को समय पर  टैक्स जमा कर पाने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही टैक्स सिस्टम पर टेक्निकल ओवरलोड  भी टैक्स कलेक्शन में कमी की वजह हो सकती है। वर्तमान स्थितियों को देखते हुए सरकार को टैक्स अथॉरिटीज की परेशानियों को समझना चाहिए।


securities transaction टैक्स के कलेक्शन में भी 2 फीसदी गिरकर  11,295 करोड़ रुपये पर आ गया है। सूत्रों ने मनीकन्ट्रोल को जानकारी दी है कि पिछले दो महीनों के दौरान COVID-19 के चलते securities के कारोबार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।


इस वित्त वर्ष में ब्लैक मनी या इक्वीलाइजेशन लेवी (equalisation levy) से होने वाली वसूली में अच्छी बढ़त देखने को मिली है। आयकर विभाग ने इस साल ब्लैक मनी/ इक्वीलाइजेशन लेवी से 1,136 करोड़ रुपये जुटाए हैं जो सालाना आधार पर 21 फीसदी ज्यादा है।


मुंबई सर्कल में ब्लैक मनी/ इक्वीलाइजेशन लेवी से होने वाली वसूली 60 फीसदी घटकर 51 करोड़ रुपये रही है। इस तरह मुंबी सर्कल में संपत्तियों पर कर में कटौती भी 8.9  फीसदी की गिरावट के साथ 960 करोड़ रुपये रहा है। जबकि पैन इंडिया स्तर पर देखें तो ये 1.4 फीसदी बढ़कर 4,917 करोड़ रुपये रहा है।


घरेलू कंपनियों ने डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स के तौर पर  54,741 करोड़ रुपये का भुगतान किया है जो सालाना आधार पर 8.4  फीसदी अधिक है। इसी तरह म्युचुअल फंडों ने 5,650 करोड़ रुपये का कर भुगतान किया है जो सालाना आधार पर 3.1 फीसदी कम है।


I-T विभाग ने वित्तवर्ष 2020 में 1.83 लाख करोड़ रुपये का रिफंड दिया है जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 13.8 प्रतिशत अधिक है। कॉरपोरेट्स को लगभग 1.21 लाख करोड़ रुपये का रिफंड मिला है जबकि  व्यक्तिगत करदाताओं  को लगभग 61,919 करोड़ रुपये रिफंड के रुप में मिले हैं। पिछले कुछ सालों के दौरान कर विभाग ने रिफंड प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया है। हालांकि 2 अप्रैल को बैंक अवकाश के कारण वास्तविक संग्रह का आंकड़ा 4 अप्रैल को बढ़ सकता है। 




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