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मार्च में सिर्फ एक हफ्ते के लॉकडाउन से IIP रिकॉर्ड लो पर, मार्च में ग्रोथ -16.7% रही

लॉकडाउन के कारण माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर में कोई काम नहीं हो पाने से IIP की ग्रोथ घटी
अपडेटेड May 13, 2020 पर 09:03  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोनवायरस लॉकडाउन का असर देश की अर्थव्यवस्था पर अब साफ नजर आने लगी है। इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन यानी IIP के मार्च के आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि इसका असर कितना परेशान करने वाला है। मार्च में IIP की ग्रोथ -16.7 फीसदी रही।


मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, लॉकडाउन के कारण माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर में कोई काम नहीं हो पाने से IIP की ग्रोथ में इतनी कमी आई है। CNBC-TV18 के पोल के मुताबिक IIP की ग्रोथ -6.47 फीसदी रहने का अनुमान था।


इससे पहले फरवरी में IIP की ग्रोथ 4.5 फीसदी थी। सरकार ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है, "वैश्विक कोरोनावायरस के संकट की वजह से देश भर में मार्ट 2020 से लॉकडाउन है। इसका असर प्रोड्यूसिंग यूनिट्स के डाटा पर पड़ा है।


मार्च में मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट 20.6 फीसदी गिरा है जबकि इलेक्ट्रिसिटी के प्रोडक्शन में 6.8 फीसदी की कमी आई है। मार्च 2020 में माइनिंग का आउटपुट फ्लैट रहा है। 8 कोर सेक्टर का प्रोडक्शन मार्च में -6.47 फीसदी घटा है। इससे एक महीने पहले फरवरी में इसकी ग्रोथ 7.1 फीसदी थी।


इन नंबर पर ध्यान दें


मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का आउटपुट = -20.6 फीसदी रही जो एक साल पहले 3 फीसदी थी।


मार्च में प्राइमरी गुड्स आउटपुट = -3.1 फीसदी रहा जो एक साल पहले 2.6 फीसदी थी।


मार्च में कैपिटल गुड्स की ग्रोथ = -35.6 फीसदी रही जो एक साल पहले -9.1 फीसदी थी।


मार्च में इंफ्रास्ट्रक्चर गुड्स आउटपुट = -18.5 फीसदी रही जो एक साल पहले 12.4 फीसदी थी।



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