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Covid-19 इंश्योरेंस: बदलते वक्त के साथ बीमा कंपनियों ने भी बदला कारोबार

भारतीय बीमा रेगुलेटर IRDAI ने समय-समय पर हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स को ग्राहकों के लिए यूजफुल बनाया है, जानिए कैसे?
अपडेटेड May 28, 2020 पर 08:27  |  स्रोत : Moneycontrol.com

वैद्यनाथन रमनी

पिछले साल के आखिर में पैदा हुआ कोरोनावायरस या Covid-19 अब एक ग्लोबल महामारी बन चुका है। अब चीन में इसके फैलने की गति धीमी पड़ रही है, लेकिन बाकी के देशों में यह बीमारी तेज़ी से फैल रही है। भारत में कोरोनावायरस की वजह से करीब 5000 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 1.5 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।  दुनिया भर की सरकारें अपने-अपने स्तर पर कदम उठा रही हैं, कुछ अपने देश की सीमाएं बंद कर रही हैं, तो कुछ लॉकडाउन और यात्राओं पर पाबंदी लगा रही हैं।


इस मुश्किल वक्त में यह जानना बेहद ज़रूरी है कि अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य कोरोना पॉज़िटिव हो जाता है, तो हेल्थ एवं लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियां किस तरह से आपकी मदद करेंगी। इसके साथ ही यह जानना भी अहम है कि हेल्थ एवं लाइफ इंश्योरेंस इस दौर में कैसे अपने बिजनेस में क्या बदलाव लाएंगे और कैसे नए समाधान निकालेंगे।


इंश्योरेंस प्लान में नए ऑफर


भारतीय बीमा रेगुलेटर IRDAI ने समय-समय पर हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स को ग्राहकों के लिए यूजफुल बनाया है। Covid-19 संकट के दौरान भी IRDAI ने सभी हेल्थ एवं जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को गाइडलाइंस जारी करके कहा है कि इस बीमारी से जुड़े क्लेम्स आने पर उन्हें भी रेगुलर हेल्थ प्लान के अंतर्गत कवर किया जाएगा। यानी कोई भी बीमा कंपनी ऐसे ग्राहकों को इलाज कराने से मना नहीं कर सकती, जिनके पास एक एक्टिव हेल्थ इंश्योरेंस प्लान होगा। इसके बाद, IRDAI के गाइडलाइंस में कुछ इंश्योरेंस कंपनियों ने जरूरत के हिसाब से नए प्रोडक्ट्स पेश किए हैं।


Covid-19 से जुड़े ज्यादातर प्रोडक्ट्स लाभ आधारित हैं, जिनमें सम इंश्योर्ड के बराबर लाभ दिया जाता है। यह लाभ बीमारी की पुष्टि होने पर पॉलिसीधारक को मिलता है, फिर चाहे खर्च कितना भी हुआ हो। वहीं, यह पॉलिसी क्वारंटीन (Quarantine) हुए मरीज़ों को सम इंश्योर्ड का 50 फीसदी रकम देती है। Quarantine के दौरान बीमारी की पुष्टि ना होने पर भी इसका फायदा मिलेगा। यह प्रोडक्ट्स कोरोना वायरस इन्फेक्शन के इलाज या किसी मेडिकल फैसिलिटी में Quarantine के दौरान होने वाली आमदनी के नुकसान की भरपाई के लिए एकमुश्त राशि प्रदान करते हैं। फिर भी, हमेशा यही सलाह दी जाती है कि हर व्यक्ति को एक स्टैंडर्ड हेल्थ इंश्योरेंस प्लान भी ज़रूर रखना चाहिए क्योंकि इसमें अन्य बीमारियों (कोविड-19 सहित) के लिए भी जीवन भर तक कवर मिलता है।


टेलिमेडिकल सिस्टम का विस्तार


IRDAI की कोशिशों के अलावा भी इंश्योरेंस कंपनियां भी इपने ग्राहकों को सुविधा और सहायता देने के लिए हर मुमकिन कदम उठा रही है।   कोरोनावायरस महामारी के कारण देश भर में घोषित हुए लॉकडाउन के मद्देनज़र इंश्योरेंस कंपनियां ने एक नई पहल की है। इंश्योरेंस कंपनियों ने अनिवार्य शारीरिक मेडिकल टेस्ट के स्थान पर टेलिमेडिकल प्रक्रिया का दायरा बढ़ाया है। इस प्रक्रिया के तहत एक इंश्योरेंस प्लान खरीदते वक्त ग्राहकों से उनके स्वास्थ्य के बारे में कुछ सामान्य जानकारी मांगी जाएगी। इसके लिए इंश्योरेंस कंपनी द्वारा एक डॉक्टर नियुक्त किया जाएगा। डॉक्टर और ग्राहक के बीच होने वाली बातचीत ग्राहक की लाइफ स्टाइल और उनके शारीरिक स्वास्थ्य से संबंधित होगी। इस बातचीत के आधार पर इंश्योरेंस कंपनी अपने संभावित ग्राहक के स्वास्थ्य के बारे में फैसला करेगी और फिर 1 करोड़ रुपए तक के अधिकतम सम इंश्योर्ड वाली हेल्थ पॉलिसी जारी करेगी। टर्म प्लान की बात करें तो, इस प्रक्रिया के जरिए 2 करोड़ रुपअ तक की पॉलिसी खरीदी जा सकती है।


एक अच्छी बात यह है कि इंश्योरेंस इंडस्ट्री ने जोखिम आकलन प्रक्रिया को टेलिमेडिकल अंडरराइटिंग और क्रेडिट ब्यूरो जांच तक बढ़ाया है, जिससे उन्हें ऐसे मुश्किल दौर में कारोबार करने में मदद मिलती है। सभी प्रमुख हेल्थ एवं लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां ऑनलाइन डिस्ट्रिब्यूशन चैनलों के साथ भागीदारी में यह प्रक्रिया पेश करने लगी हैं। टेलिमेडिकल अंडरराइटिंग का इस्तेमाल आगे बढ़ना जारी रहेगा क्योंकि इसमें तीन मुख्य फायदे हैं – 1) इंश्योरेंस कंपनियों के लिए एक मजबूत अंडरराइटिंग टूल 2) बेहतर ग्राहक सुविधा 3) ग्राहक के साथ हुई बातचीत रिकॉर्ड की जाएगी जिससे विवादों की संख्या कम होगी।


क्लेम प्रक्रिया में तेज़ी


इस महीने की शुरुआत में IRDAI ने हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को कहा था कि वो कोरोनावायरस से जुड़े क्लेम के निपटारों में तेज़ी लाने के लिए कहा था। ऐसी महामारी के दौरान काम करने का अनुभव इस इंडस्ट्री के लिए नया नहीं है क्योंकि पहले भी ईबोला, जिका और निपाह जैसे वायरस फैलने की घटनाएं हो चुकी हैं। मौजूदा मानकों एवं IRDAI द्वारा जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक एक स्टैंडर्ड हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी (इन्डेमनिटी) में सभी प्रकार के इन्फेक्शन कवर किये जाते हैं और कोई भी पॉलिसीधारक जो इन्फेक्शन के कारण 24 घंटे तक अस्पताल में भर्ती होता है, वह पॉलिसी के तहत क्लेम करने का पात्र होगा। अधिकांश हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों में अस्पताल में भर्ती होने के खर्च के अलावा अस्पताल में भर्ती होने पहले और बाद के खर्चों को भी शामिल किया जाता है। इन खर्चों में अलग-अलग टेस्ट, डायग्नोस्टिक्स और अस्पताल में डिस्चार्ज होने के बाद ली जाने वाली दवाएं शामिल होती हैं। 


वहीं, एक टर्म लाइफ पॉलिसी में कोरोना वायरस इन्फेक्शन के कारण पॉलिसीधारक की मौत होने पर मौजूदा सेटलमेंट शर्तों के तहत क्लेम दिया जाएगा। साथ ही पॉलिसी के मुताबिक, सम एश्योर्ड की रकम दी जाएगी। बीमा रेगुलेटर ने कहा है कि वो Covid -19 से जुड़े क्लेम जल्दी करें।  इसके अलावा, कोविड-19 से संबंधित इंश्योरेंस क्लेम्स के बारे में ग्राहकों की पूछताछ के लिए कई प्रमुख इंश्योरेंस कंपनियों एवं वेब एग्रिगेटर्स ने भी समर्पित हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। शुरुआती गतिविधियों को देखने से यह लगता है कि यह हेल्पलाइन नंबर बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं क्योंकि रोज़ाना बड़ी संख्या में ग्राहकों के कॉल आने लगे हैं।


इंश्योरेंस खरीदारी की बढ़ती संख्या

मौजूदा कोरोनावायरस संकट के दौरान पिछले कुछ हफ्तों में हेल्थ इंश्योरेंस और टर्म इंश्योरेंस पॉलियों की मांग में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। देश में कोविड-19 पॉजिटिव मामलों की बढ़ती संख्या के साथ ऐसा लगता है कि लोग अब जीवन की अनिश्चितता के प्रति अधिक सजग होने लगे हैं जिसके कारण इंश्योरेंस खरीदारी में तेज़ी आ रही है। इंश्योरेंस कंपनियों एवं वेब एग्रिगेटर्स के अनुसार पिछले कुछ सप्ताह में हेल्थ एवं टर्म इंश्योरेंस की बिक्री में 20-30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।


ऑनलाइन जाकर एक पॉलिसी खरीदने के लिए ग्राहक अब ई-केवायसी सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सेवा डिजिटल तरीके से KYC (नो योर कस्टमर) प्रक्रिया को पूरा करने में मदद करती है और इसके लिए फिजिकल फॉर्म भरने या कागजी दस्तावेज जमा करने की ज़रूरत खत्म हो गई है। ई-केवायसी का मुख्य उद्देश्य ग्राहक को बेहद कम कागजी कार्रवाई के साथ कम से कम समय में रजिस्टर करना होता है। यह सेवा पूरे देश में लॉकडाउन जैसी परिस्थितियों में क्रांतिकारी साबित हुई है।


लेखक पॉलिसीबाज़ार.कॉम के प्रोडक्ट एंड इनोवेशंस हेड हैं।  


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