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Exclusive: HDFC भी फंड रेजिंग के दौड़ में शामिल, करीब 12000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना

इस फंड रेजिंग कवायद में QIP से 7000 करोड़ रुपये और कंवर्टिबल इंस्ट्रूमेंट से करीब 5000 करोड़ जुटाने की योजना है
अपडेटेड Jun 17, 2020 पर 16:11  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर की मॉर्गेंज फाइनेंसर हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (HDFC) जल्द ही बाजार से करीब 12,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। यह फंड रेजिंग कई चरणों में की जायेगी। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने मंनीकंट्रोल को बताया कि एचडीएफसी (HDFC) इस बारे में पिछले कुछ सप्ताहों से मर्चंट बैंकरों से बातचीत कर रही है और वह QIP, NCD अथवा FCCB के कॉम्बीनेशन से 12000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक और सूत्र ने मनीकंट्रोल को बताया कि इस फंड रेजिंग की कवायद में क्यूआईपी  (QIP) की हिस्सेदारी करीब 7000 करोड़ रुपये हो सकती है और करीब 5000 करोड़ रुपये कंवर्टिबल इस्ट्रूमेंट के जरिए जुटाए जा सकते हैं। इसमें से हर इस्ट्रूमेंट अलग से जारी किया जायेगा।


इस सूत्र ने आगे यह भी कहा कि फंड रेजिंग के इस्ट्रूमेंट और उसकी मात्रा पर अभी तक HDFC ने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। बता दें कि डिबेंचर एक तरह का डेट इस्ट्रूमेंट होता है जिसमें कोलेटरल की सुरक्षा नहीं रहती है। ऐसे डिबेंचर जिनको इक्विटी अथवा शेयरों में नहीं बदला जा सकता है उनको नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर कहते हैं।


इसी तरह वारंट एक ऐसी सिक्योरिटी या प्रतिभूति है जिसमें इसके धारक को जारी कर्ता कंपनी के अंडरलेइंग स्टॉक्स खरीदने का अधिकार मिलता है। यह खरीदारी एक निर्धारित कीमत पर एक्सपायरी डेट समाप्त होने तक की जा सकती है। इसी तरह एफसीसीबी (FCCB) एक तरह के कन्वर्टिबल बॉन्ड होते है जो जारी कर्ता कंपनी की डोमेस्टिक करेंसी को छोड़कर दूसरे देशों की करेंसी में जारी किए जाते हैं। इसका मतलब यह है कि  एफसीसीबी के जरिए जुटाई गई पूंजी विदेशी मुद्रा में होती है। इसी तरह कन्वर्टिबल बॉन्ड डेट और इक्विटी का मिश्रण होते हैं।


एक तीसरे सूत्र ने मनीकंट्रोल से कहा कि HDFC ने अपनी बैलेंसशीट को मजबूत करने और रियल एस्टेट सेक्टर में कंपनी के एक्सपोजर को देखते हुए किसी परेशानी से निपटने के लिए फंड जुटाने की यह कवायद कर रही है। 


इन सभी सूत्रों ने गोपनीयता बनाए रखने के शर्त पर मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है। मनीकंट्रोल ने इस संदर्भ में जानकारी के लिए एचडीएफसी को मेल भेजा है और उसको जवाब का इंतजार है।


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