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इन कंपनियों में FIIs,प्रमोटर्स ने बढ़ाई हिस्सेदारी, 4 तिमाहियों में इनके मुनाफे में हुई जोरदार बढ़त

दिसबंर तिमाही में प्रमोटर और एफआईआई ने इन कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।
अपडेटेड Feb 24, 2021 पर 10:08  |  स्रोत : Moneycontrol.com

किसी कंपनी के लिए उसका प्रॉफिट मार्जिन बहुत अहम होता है क्योंकि इससे पता चलता है कि वह कैसे अपने लागत पर नियत्रंण रखती है। किसी कंपनी का  प्रॉफिट मार्जिन ऊंचा होना इस  बात का संकेत है कि कंपनी का प्रबंधन काफी अच्छे और प्रभावी तरीके से  काम कर रहा है। लेकिन इस  बात का भी ध्यान रखने की जरुरत है कि सिर्फ लो प्रॉफिट मार्जिन के आधार पर यह हम नहीं कह सकते कि कंपनी का अपने लागत पर नियत्रंण नहीं है।


किसी कंपनी के ओवरऑल स्टेनर्थ को नापने के लिए इस पैमाने का उपयोग होता है। अपने इस विश्लेषण में मनीकंट्रोल ने उन कंपनियों को शामिल किया है जिन्होंने कोरोना महामारी के बावजूद 4 तिमाहियों में 10 फीसदी का प्रॉफिट मार्जिन कायम रखने में सफलता पाई है। इसके अलावा इस विश्लेषण में वह कंपनियां शामिल है जिनमें दिसबंर तिमाही में प्रमोटरों और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। उन कंपनियों को हमने इस विश्लेषण से बाहर रखा है जिनका मार्केट कैप  500 करोड़ रुपये से नीचे है।


हमारे इन मानको पर बीएसई की सिर्फ 6 कंपनियां सफल रही है। इन शेयरों में पिछले 1 साल में कम से कम 25 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। इन 6 शेयरों में से 3 शेयर ऐसे रहें है जिन्होंने 1 साल में निवेशकों के पैसे दोगुने कर दिए है। हमारे इस विश्लेषण के आकंड़े ACE Equity की रिपोर्ट पर आधारित है।


Ester Industries


पिछले 1 साल में इस शेयर में 150 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। 19 फरवरी 2021 को यह शेयर 100 रुपये पर था जबकि 19 फरवरी 2020 को इसका भाव 40 रुपये था। मार्च 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 14.54 फीसदी, जून 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 15.58 फीसदी, सितंबर 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 17.64 फीसदी और दिसबंर 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 12.33 फीसदी रहा था। कंपनी के प्रमोटर ने दिसबंर तिमाही में अपनी हिस्सेदारी पिछली यानी सितंबर तिमाही के 61.45 फीसदी से बढ़ाकर 64.04 फीसदी कर दी है। इसी तरह एफआईआई ने इसी अवधि में अपनी हिस्सेदारी  0.11 फीसदी से बढ़ाकर 1.33 फीसदी कर दी है।


Poly Medicure


पिछले 1 साल में इस शेयर में 120 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। 19 फरवरी 2021 को यह शेयर 657 रुपये पर था जबकि 19 फरवरी 2020 को इसका भाव 299 रुपये था। मार्च 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 12.60 फीसदी, जून 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 15.27 फीसदी, सितंबर 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 17.32 फीसदी और दिसबंर 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 17.10  फीसदी रहा था। कंपनी के प्रमोटर ने दिसबंर तिमाही में अपनी हिस्सेदारी पिछली यानी सितंबर तिमाही के 48.76 फीसदी से बढ़ाकर 48.77 फीसदी कर दी है। इसी तरह एफआईआई ने इसी अवधि में अपनी हिस्सेदारी   1.11  फीसदी से बढ़ाकर 3.75 फीसदी कर दी है।


Paushak 


पिछले 1 साल में इस शेयर में 106 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। 19 फरवरी 2021 को यह शेयर 5377 रुपये पर था जबकि 19 फरवरी 2020 को इसका भाव 2610 रुपये था। मार्च 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 21.79 फीसदी, जून 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 26.77 फीसदी, सितंबर 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 20.61 फीसदी और दिसबंर 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 28.58  फीसदी रहा था। कंपनी के प्रमोटर ने दिसबंर तिमाही में अपनी हिस्सेदारी पिछली यानी सितंबर तिमाही के 66.71  फीसदी से बढ़ाकर  66.97 फीसदी कर दी है। इसी तरह एफआईआई ने इसी अवधि में अपनी हिस्सेदारी  0.01   फीसदी से बढ़ाकर 2.11 फीसदी कर दी है।


Adani Ports and Special Economic Zone


पिछले 1 साल में इस शेयर में 76 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। 19 फरवरी 2021 को यह शेयर  653 रुपये पर था जबकि 19 फरवरी 2020 को इसका भाव 371 रुपये था। मार्च 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन  11.79 फीसदी, जून 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 33.11  फीसदी, सितंबर 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 48.12 फीसदी और दिसबंर 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 42.18 फीसदी रहा था। कंपनी के प्रमोटर ने दिसबंर तिमाही में अपनी हिस्सेदारी पिछली यानी सितंबर तिमाही के 63.65 फीसदी से बढ़ाकर  63.74 फीसदी कर दी है। इसी तरह एफआईआई ने इसी अवधि में अपनी हिस्सेदारी 3.11 फीसदी से बढ़ाकर 17.75 फीसदी कर दी है।


Atul


पिछले 1 साल में इस शेयर में 32 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। 19 फरवरी 2021 को यह शेयर  6581 रुपये पर था जबकि 19 फरवरी 2020 को इसका भाव 4969 रुपये था। मार्च 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 14.66 फीसदी, जून 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 17.81  फीसदी, सितंबर 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 17.23 फीसदी और दिसबंर 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 19.72 फीसदी रहा था। कंपनी के प्रमोटर ने दिसबंर तिमाही में अपनी हिस्सेदारी पिछली यानी सितंबर तिमाही के 44.81 फीसदी से बढ़ाकर 44.82 फीसदी कर दी है। इसी तरह एफआईआई ने इसी अवधि में अपनी हिस्सेदारी 4.11 फीसदी से बढ़ाकर 9.36 फीसदी कर दी है।


Eris Lifesciences 


पिछले 1 साल में इस शेयर में 28 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। 19 फरवरी 2021 को यह शेयर  564 रुपये पर था जबकि 19 फरवरी 2020 को इसका भाव 441 रुपये था। मार्च 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 22.55 फीसदी, जून 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 30.36 फीसदी, सितंबर 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 32.64 फीसदी और दिसबंर 2020 तिमाही में इसका प्रॉफिट मार्जिन 29.04 फीसदी रहा था। कंपनी के प्रमोटर ने दिसबंर तिमाही में अपनी हिस्सेदारी पिछली यानी सितंबर तिमाही के 54.08  फीसदी से बढ़ाकर 54.23 फीसदी कर दी है। इसी तरह एफआईआई ने इसी अवधि में अपनी हिस्सेदारी 5.11फीसदी से बढ़ाकर  11.30  फीसदी कर दी है।


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