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गांवों में नए प्रोडक्ट पहुंचाने पर फोकस: एमएंडएम फाइनेंशियल

प्रकाशित Mon, 28, 2019 पर 14:10  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

वित्त वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में एमएंडएम फाइनेंशियल का मुनाफा 3.8 फीसदी घटकर 318.6 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में एमएंडएम फाइनेंशियल का मुनाफा 331.4 करोड़ रुपये रहा था।


वित्त वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में एमएंडएम फाइनेंशियल की ब्याज आय 20.7 फीसदी बढ़कर 1204 करोड़ रुपये हो गई है। वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में एमएंडएम फाइनेंशियल की ब्याज आय 1002.8 करोड़ रुपये रही थी।


तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में एमएंडएम फाइनेंशियल का ग्रॉस एनपीए 12.3 फीसदी से घटकर 7.7 फीसदी रहा है। वहीं, नेट एनपीए 8.2 फीसदी से घटकर 5.8 फीसदी रहा है।


तीसरी तिमाही में महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल के मुनाफे और अन्य आय पर दबाव दिखा है। हालांकि कंपनी की एयूएम ग्रोथ 30 फीसदी रही है जो कि पिछली 11 तिमाहियों में सबसे ज्यादा है। साथ ही ग्रॉस एनपीए में भी कमी आई है।


नतीजे और आगे के आउटलुक पर बात करते हुए एमएंडएम फाइनेंशयिल के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रमेश अय्यर ने कहा कि देश के 3.5 लाख गांवों तक कंपनी की पहुंच है। अच्छी पहुंच और मल्टीप्रोडक्ट से कंपनी का कारोबार बढ़ा है। कंपनी के पुरानी गाड़ियों के काम से भी कारोबार में तेजी आई है। कंस्ट्रक्शन व्हीकल इक्विप्मेंट बिजनेस में भी सुधार देखने को मिला है।


कंपनी का फोकस गांवों में अब नए प्रोडक्ट पहुंचाने पर। तीसरी तिमाही में कंपनी के मार्केट शेयर में बढ़ोतरी हुई है। तीसरी तिमाही में एनपीए और प्रोवजनिंग दोनों में कमी आई है। लेकिन चौथी तिमाही में प्रोवजनिंग बढ़ सकती है। दूसरी छमाही में बेहतर ग्रामीण कारोबार संभव है। ग्रामीण इलाकों में कैश फ्लो अच्छा जिससे आगे कलेक्शन अच्छा रहने की उम्मीद है। नकदी संकट के दौरान भी कंपनी ने अच्छा काम किया। रमेश अय्यर ने कहा कि आसानी से फंड मिले तो अच्छा रहेगा।