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रीन्युएबल एनर्जी पर फोकस: टाटा पावर

प्रकाशित Tue, 11, 2018 पर 13:07  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सुप्रीम कोर्ट ने पावर कंपनियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने एनपीए मामले में अलग-अलग हाईकोर्ट में चल रहे मामलों को अपने पास मंगाया लिया है। ऐसा ही एक मामला प्रयागराज पावर प्रोजेक्ट का है जिसके लिए टाटा पावर ने सबसे ज्यादा बोली लगाई थी लेकिन एसबीआई के कारण ये मामला एनसीएलटी में चला गया। इसी मामले पर टाटा पावर के एमडी और सीईओ प्रवीर सिन्हा ने कहा कि कागजी कार्रवाई पूरी ना होने का कारण मामला लटका, कागजी कार्रवाई कुछ ही दिनों में पूरी हो जाएगी।


प्रवीर सिन्हा ने बताया कि प्रयागराज प्रोजेक्ट सुपरक्रिटिकल प्रोजेक्ट है। इसमें आधुनिक टेक्नोलॉजी उपयोग में लाई गई है। प्लांट के पास कोल लिंकेज मौजूद है और इसके लिए 90 फीसदी पीपीए हो चुका है।


मुंद्रा प्लांट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुद्रा प्लांट की आगे की राह आसान होगी। मुंद्रा प्लांट की टेक्नोलॉजी काफी आधुनिक है। मुंद्रा प्लांट का टैरिफ सबसे कम है। प्लांट का ना चलना सबके लिए खराब है। मुंद्रा प्लांट पर कोई ना कोई रास्ता निकलेगा।


टैरिफ कितना बढ़ेगा? इस सवाल का जवाब देते हुए प्रवीर सिन्हा ने कहा कि सिर्फ टैरिफ बढ़ाने का मुद्दा नहीं है। प्लांट कम क्षमता पर काम कर रहा है। लंबी अवधि के पीपीए करने चाहिए, अभी 90 पैसे की अंडर रिकवरी है। आमतौर पर 50-60 पैसे की अंडर रिकवरी रहती है। उनहोंने आग कहा कि कंपनी का रीन्युएबल एनर्जी पर फोकस है। अभी खंपनी की 2500 मेगावाट की क्षमता है। हर साल 1000 मेगावाट क्षमता बढ़ाने की योजना है।