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अगले 5 साल में इंफ्रा पर 1.05 लाख करोड़ रुपये निवेश करेगी गेल

मौजूदा समय में गेल 12,160 किमी लंबी पाइपलाउन का नेटवर्क चलाती है और देश में बिकने वाली सभी प्राकृतिक गैसों का दो तिहाई हिस्सा बाजार में बेचती है।
अपडेटेड Feb 25, 2020 पर 09:37  |  स्रोत : Moneycontrol.com

देश की सबसे बड़ी गैस कंपनी गेल अगले 5 साल में इंफ्रास्टक्चर पर 1.05 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस निवेश के जरिए कंपनी पाइप लाइन, गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और पेट्रोकेमिकल उत्पादन की क्षमता का विस्तार किया जाएगा। सोमवार को गेल के नए चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज जैन ने इस बात की जानकारी दी है।


मनोज जैन ने कहा कि गैस पाइपलाइन के जरिए देश के पूर्व, पूर्वोत्‍तर और दक्षिण भारत के उपभोक्‍ताओं तक ईंधन पहुंचाने की योजना है। उन्होंने कहा कि सरकार ने साल 2030 तक एनर्जी बास्केट में प्राकृतिक गैस (natural gas) की हिस्‍सेदारी 6.2 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करने का लक्ष्य रखा है। जैन ने आगे कहा कि पाइप लाइन बिछाने पर 45 से 50 हजार करोड़ रुपये, पेट्रोकेमिकल क्षमता विस्तार पर 10,000 करोड़ रुपये और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) पर 40,000 करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन गैस आधारित अर्थव्‍यवस्‍था बनाना है ताकि अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन पर निर्भरता घटे। GAIL प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप ही इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर तैयार करने पर जोर दे रही है। 


भारत अभी हर दिन तकरीबन 160 मिलियन स्‍टैंडर्ड क्‍यूबिक मीटर्स गैस की खपत करता है और एनर्जी सेक्टर में इसकी हिस्‍सेदारी 15 फीसदी करने के लिए 600 mmcmd करने की जरूरत होगी। GAIL इसी लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर तैयार कर रही है।


मौजूदा समय में गेल 12,160 किमी लंबी पाइपलाइन ऑपरेट करती है। देश के कुल नेचुरल गैस कारोबार में गेल की एक तिहाई हिस्सेदारी है। जैन ने आगे कहा कि अगले पांच साल में 7,000 किलोमीटर की पाइपलाइन और जोड़ेगी।


कंपनी अपनी लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) आयात क्षमता को भी बढ़ाएगी। देश की सबसे बड़ी LNG आयातक कंपनी पेट्रोनेट LNG लिमिटेड में हिस्सेदारी के अलावा गेल के पास 5 मिलियन टन क्षमता का अपना LNG प्लांट भी है। यह प्लांट महाराष्ट्र के दाभोल में स्थित है।


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