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Gautam Adani की संपत्ति 2021 में 3.15 लाख करोड़ रुपये बढ़ी, Adani Group के शेयर जिस तेजी से चढ़ रहे, उसमें हैं कई रिस्क

गौतम अडाणी की संपत्ति इस साल 43 बिलियन डॉलर से अधिक यानी करीब 3.15 लाख करोड़ रुपये बढ़ी जिससे वे एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए
अपडेटेड Jun 11, 2021 पर 08:40  |  स्रोत : Moneycontrol.com

वर्ष 2021 बिजनेसमैन गौतम अडाणी (Gautam Adani) के लिए जबरदस्त साबित हुआ है। Adani Group की कंपनियों के शेयर में वर्ष 2021 में जोरदार रैली दिखी है, जिससे गौतम अडाणी की संपत्ति इस साल 43 बिलियन डॉलर से अधिक यानी करीब 3.15 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई और वे एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, गौतम अडाणी की कुल संपत्ति 76.7 बिलियन डॉलर यानी 5.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। गौतम अडाणी की संपत्ति उनके कंपनियों के शेयर में आई तेज उछाल के कारण बढ़ी है।

उनकी कंपनी Adani Total Gas के स्टॉक्स इस साल 330% चढ़े हैं। वहीं, Adani Enterprises के शेयर 235% उछले हैं और Adani Transmission के शेयर में अब तक 263% की तेजी दर्ज की गई है।

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मार्केट एक्सपर्ट्स की मानना है कि अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयर में जो इतनी तेज उछाल आई है, जिससे गौतम अडाणी की संपत्ति RIL के चेयरमैन मुकेश अंबानी और यहां तक की दुनिया के सबसे बड़ा निवेशक और बर्कशायर हैथवे के मालिक वॉरेन बफे (Warren Buffett) से भी तेजी से बढ़े है, इसमे कई जोखिम छिपा हुआ है।

Bloomberg इंटेलिजेंस एनालिस्ट गौरव पतनकर और नितिन चांडुका ने अपने नोट में कहा कि टेक्निकल इंडिकेटर्स को एनालाइज करने के बाद पता चलता है कि अडाणी ग्रुप की कंपनियों खासकर इन तीन कंपनियों के शेयर ओवरवैल्यूड और एक्सटेंडेड हैं।  
 
अडाणी ग्रुप के कंपनियों के शेयर में ये हैं रिस्क

ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के एनालिस्ट्स ने कहा, अडाणी ग्रुप की इन तीनों कंपनियों के ऐसेट्स में मॉरीशस की कुछ कंपनियों की हिस्सेदारी 95% से अधिक है। इन कंपनियों में ऑनशोर शेयरहोल्डिंग यानी देश के लोगों और फंड मैनेजर्स की न के बराबर हिस्सेदारी है।

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इस कंसेन्ट्रेटेड पोजीशन के कारण ही बड़े निवेशक अडाणी ग्रुप की कंपनियों में निवेश से बचते हैं, क्योंकि शेयरहोल्डिंग का ऐसा कंसेन्ट्रेटेड पोजीशन अनफेवरेबल रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो को दिखाता है। हालांकि, इस मामले में अडाणी ग्रुप की तरफ से अभी कोई जवाब नहीं आया है।

ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के एनालिस्ट्स ने कहा अडाणी ग्रुप की कंपनियों में विदेशी फंड मैनेजर्स के पास शेयर का बड़ा हिस्सा है, जिससे पब्लिक में फ्लोटेड शेयर्स की संख्या बहुत कम हो जाती है और इसके स्टॉक्स में उठापटक की आशंका हमेशा बनी रहती है।

ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के मुताबिक, एलारा इंडिया अपॉर्चुनिटीज फंड, APMS इन्वेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड, अल्बुला इन्वेस्टमेंट फंड, LTS इन्वेस्टमेंट और एशिया इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन ने अपने 90% ऐसेट्स अडाणी ग्रुप की कंपनियों में लगाए हैं।

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इसके अलावा MSCI ने अपने इंडिया बेंचमार्क इंडेक्स में अडाणी ग्रुप की 3 और कंपनियों को शामिल किया है, जिससे अब इस इंडेक्स में अडाणी ग्रुप की 5 कंपनियां हो गई हैं। इस वजह से MSCI इंडिया इंडेक्स को ट्रैक करने वाले इंवेस्टर्स के लिए अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयर को खरीदना अनिवार्य हो जाता है, जिससे इसके शेयर औ उछल जाते हैं।

ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के विशेषज्ञों का कहना है कि अडाणी ग्रुप की कंपनियों के स्टॉक्स ओवर-वैल्यूड हैं। इनके शेयर अपने 200 दिनों के डेली मूविंग एवरेज (DMA) से 150% से लेकर 200% तक ऊपर ट्रेड कर रहे हैं।

जबकि Tesla के शेयर जब अपनी पीक पर पहुंचे, तब भी वे अपने 200 दिनों के डेली मूविंग एवरेज से केवल 126% ऊपर ट्रेड कर रहे थे।

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