Moneycontrol » समाचार » कंपनी समाचार

सुंदर पिचई को बिग प्रमोशन तो मिला, लेकिन जिम्मेदारियां उससे भी बड़ी हैं

दुनिया भर में रेगुलेटरी सख्ती और टैक्स डिमांड बढ़ने, इंटरनेट यूजर्स को जोड़ने की चाइनीज कंपनियों की होड़ से पिचई की मुश्किलें बढ़ सकती हैं
अपडेटेड Dec 05, 2019 पर 15:55  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सुंदर पिचई (Sunder Pichai) को गूगल (Google) की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) का नया CEO बनाया गया है। पिचई को जितना बड़ा पोस्ट मिला है, उनकी जिम्मेदारियां भी उतनी बड़ी हैं।


दुनिया भर में रेगुलेटरी सख्ती और टैक्स डिमांड बढ़ने, इंटरनेट यूजर्स को जोड़ने की चाइनीज कंपनियों की होड़ से पिचई की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, बाजार के जानकारों का कहना है कि आगे उनका काम और मुश्किल होने वाला है।


गुगल के को-फाउंडर लैरी पेज और सर्जी ब्रिन ने अपना पद सुंदर पिचई को दिया है। गूगल सर्च बढ़ाने, एड और वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब (YouTube) जैसे रिलेटेड प्रोडक्ट को बढ़ाने के साथ ही अब अल्फाबेट के भावी परियोजनाओं को भी बढ़ाना होगा।


क्या है सबसे बड़ी चुनौती?


सुंदर पिचई की सबसे बड़ी चुनौती इंटरनेट की दुनिया में गूगल की अहमियत को बनाकर रखना है। खासतौर पर ऐसे समय में जब चीन की कंपनियां तगड़ी टक्कर दे रही हैं। टिकटॉक (TikTok) की पेरेंट कंपनी बाइटडांस (ByteDance) दुनिया की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप्स है। टिकटॉक एक शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म है जो पहले ही यूट्यूब को कड़ी चुनौती दे रहा है।


बाइटडांस पहले ही एक स्मार्टफोन और म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्रोडक्ट लॉन्च कर चुका है। यानी गूगल को यहां भी टक्कर मिल रही है। इतना ही नहीं भारत जैसे उभरते मार्केट में नेक्स्ट बिलियन फर्स्ट टाइम इंटरनेट यूजर्स हासिल करने भी गूगल को चाइनीज कंपनी ने चुनौती मिल रही है।


गूगल अपने डिजिटल पेमेंट बिजनेस पर फोकस करते हुए दो साल पहले गूगल पे (Google Pay) लॉन्च किया था। इसके साथ ही गूगल अलग-अलग भाषाओं में अपना कारोबार बढ़ा रहा है। चीन में गूगल पर पाबंदी है। ऐसे में पिचई की कोशिश चीन के मार्केट में दोबारा दाखिल होने की है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।