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गूगल ने हुवावे का एंड्रॉयड लाइसेंस कैंसल किया, जानिए क्या है मामला?

इससे पहले अमेरिका की सरकार ने भी हुवावे के साथ अमेरिकी कंपनियों के कारोबार करने पर प्रतिबंध लगाया था
अपडेटेड May 20, 2019 पर 16:03  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

चीन की मोबाइल कंपनी हुवावे को कुछ दिनों के भीतर ही यह दूसरा झटका लगा है। गुगल ने चीन की दिग्गज टेक कंपनी का एंड्रॉयड लाइसेंस कैंसल कर दिया है। गुगल ने हुवावे को किसी तरह का सपोर्ट करना बंद कर दिया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल अब हुवावे को हार्डवेयर का ट्रांसफर, सॉफ्टवेयर और टेक्निकल सर्विसेज मुहैया नहीं करेगी।


हुवावे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इसके आधा से ज्यादा फोन चीन से बाहर जाते हैं।


इससे पहले अमेरिकी सरकार ने नेशनल इमरजेसी घोषित करते हुए हुवावे को एंटिटी लिस्ट में डाल दिया था। एंटिटी लिस्ट में डालने का मतलब है कि कोई भी अमेरिकी कंपनी बिना सरकार की अनुमति लिए चीनी कंपनी के साथ कारोबार नहीं करेगी। अमेरिकी सरकार और गूगल ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर शुरू हो गया है। अमेरिका का आरोप है कि हुवावे अमेरिका का डाटा चोरी कर रही है।


वर्ज के मुताबिक, हुवावे ने इस मामले में लिमिटेड रिसपॉन्स दिया है। उससे जवाब कम और नए सवाल ज्यादा खड़े हुए हैं। 


हुवावे ने कहा कि एंड्रॉयड के ग्रोथ के लिए वह काम कर रहे हैं। एंड्रॉयड के अहम ग्लोबल पार्टनर के तौर पर इकोसिस्टम तैयार करने के  लिए मिलकर ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म पर काम किया है। यह हमारी इंडस्ट्री और यूजर्स दोनों के लिए फायदेमंद था।


अपने जवाब में हुवावे ने साफ किया है कि वह अपने मौजूदा सभी हुवावे और ऑनर स्मार्टफोन कस्टमर्स और टैबलेट प्रोडक्ट्स को सिक्योरिटी अपडेट्स और ऑफ्टर सेल्स सर्विस मुहैया कराएंगे।


गूगल ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि हुवावे फोन के ग्राहकों को प्ले स्टोर का एक्सेस मिलेगा और उसके ऐप अपडेट होते रहेंगे।