Moneycontrol » समाचार » कंपनी समाचार खबरें

कोरोना वायरस की जांच के लिए सरकार को प्राइवेट लैब को देनी चाहिए मंजूरीः Thyrocare Technologies

देश काफी बड़ा है और जब ये वायरस बढ़ेगा तो सरकारी लैब्स की संख्या कम पड़ने लगेगी।
अपडेटेड Mar 04, 2020 पर 19:52  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नो योर कंपनी में आज Thyrocare Technologies के बारे में बात करेंगे। कंपनी के पास पूरे भारत में सबसे बड़ी diagnostic chain है। यह early detection and management of disorders पर फोकस करते हुए medical diagnostic investigations करती है। इसका clinical chemistry फोकस रहता है। इसके अलावा Nueclear HealThyrocareare  कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी है जो PET-CT scans, nuclear scanning जैसी imaging diagnostic services उपलब्ध कराती है।


Thyrocare का मार्केट कैप 3150 करोड़ रुपये है। इसमें प्रोमटरों की 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके शेयर का वर्तमान भाव 595 रुपये है जबकि 52 हफ्तों का उच्च स्तर 690 रुपये और निचला स्तर 406 रुपये है। Thyrocare की पूर्ण सब्सिडियरी NUECLEAR HEALTH के सूरत और बड़ौदा स्थित 2 केंद्र बंद कर दिये गये हैं।


सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में Thyrocare का मुनाफा 36 प्रतिशत बढ़कर 27.5 करोड़ रुपये रहा जबकि वित्त वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 20.15 करोड़ रुपये रहा था।


सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में Thyrocare की आय 10 प्रतिशत बढ़कर 105.8 करोड़ रुपये रही जबकि वित्त वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में कंपनी की आय 96.3 करोड़ रुपये रही थी।


सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में Thyrocare का एबिटडा 23 प्रतिशत बढ़कर 43.78 करोड़ रुपये रहा जबकि वित्त वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में कंपनी का एबिटडा 35.5 करोड़ रुपये रहा था।


वहीं कोरोना वायरस की जांच के मुद्दे पर बात करें तो अभी तक सरकार ने किसी भी प्राइवेट लैब को इसकी जांच करने के लिए अधिकृत नहीं किया है। वहीं सरकारी लैब्स वायरस की जांच करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।


कंपनी के CMD डॉ ए वेलुमणी ने कंपनी के कारोबार पर सीएनबीसी-आवाज़ से बातचीत करते हुए कहा कि कोरोना से मिलजुल कर निपटना होगा। कोरोना वायरस की जांच के लिए सरकार को किसी प्राइवेट लैब को मंजूरी देनी चाहिए। क्योंकि देश काफी बड़ा है और जब ये वायरस बढ़ेगा तो सरकारी लैब्स की संख्या कम पड़ने लगेगी। सरकार को आगे चलकर टेस्टिंग के लिए प्राइवेट लैब्स को तैयार रहने की हिदायत देनी चाहिए।


हेम सिक्योरिटीज की आस्था जैन ने इस शेयर पर अनपी राय देते हुए कहा कि निवेशकों को लॉन्ग टर्म के लिहाज से इसमें धैर्य रखना चाहिए। जिसके पास हैं वे होल्ड करें। उन्होंने इस पर 3 से 6 महीने के लिए 650 रुपये के लक्ष्य के लिए होल्ड करने की सलाह दी है।

सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।