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4 साल बंद रखने के बाद सरकार की HMT ट्रैक्टर प्लांट को लीज पर देने की तैयारी

HMT की पिंजौर यूनिट 2016 से बंद है। इस साल HMT का वॉच डिवीजन को भी बंद किया गया था।
अपडेटेड Jun 07, 2020 पर 13:52  |  स्रोत : Moneycontrol.com

चार साल की बंदी के बाद सरकार ट्रैक्टर बनाने वाली सरकारी कंपनी HMT(पहले Hindustan Machine Tools)की संपत्तियों को लीज पर देने की तैयारी में है। हैवी इंडस्ट्री डिपार्टमेंट द्वारा जारी प्रस्ताव पत्र (RFP) के मुताबिक हरियाणा के पिंजौर में 43 एकड़ में बनी  HMT की उत्पादन इकाई को 30 साल के लिए लीज पर दिया जाएगा। एचएमटी कंपनी 1963 में बनी थी और पिंजौर की ट्रैक्टर यूनिट 1972 में शुरु हुई थी।


HMT की पिंजौर यूनिट 2016 से बंद है। इसी साल HMT का वॉच डिवीजन को भी बंद किया गया था। HMT की पिंजौर ट्रैक्टर यूनिट की सिंगल शिफ्ट बेसिस पर प्रति वर्ष ट्रैक्टर उत्पादन क्षमता  8,500 यूनिट है। इस इकाई को लीज पर देने के लिए दो बिड फार्मेट में टेंडर जारी किया गया है। ये हैं टेक्निटल बिड और फाइनेंशियल बिड। इसके लिए बोली लगाने वाली बिडर की मिनिमम नेटवर्थ 31 मार्च 2020 को  20 करोड़ रुपये होनी चाहिए। RFP डॉक्युमेंट के मुताबिक इसके लिए सिर्फ कैपिटल गुड्स और ऑटो सेक्टर की कंपनियां बोली लगा सकेंगी।


HMT का Tractor कारोबार चेकोस्लावियन कंपनी Zetor के साथ कोलोबरेशन में 1971 से शुरु हुआ था। शुरुआत में कंपनी 25 हॉर्सपावर के ट्रैक्टर बनाती थी। बाद में कंपनी 2 , 3 और 4 सिलिंडर वाले 25 से 75 हॉर्सपावर तक के ट्रैक्टर बनाने लगी। एक समय ऐसा भी आया जब कंपनी मार्केट लीडर बन गई। HMT ने अपनी स्थापना से लेकर कार्य करने की अवधि तक देश और विदेश में 400,000 से ज्यादा ट्रैक्टर बेचे हैं।


लेकिन कुप्रबंधन, लालफीताशाही, उदारीकरण के बाद प्राइवेट कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते कंपनी का प्रदर्शन खराब होता गया और कंपनी के बंद होने साल 2016 तक इसकी बाजार हिस्सेदारी गिरकर 0.25 फीसदी तक आ गई। सरकार ने 2016 में पिंजौर प्लांट को बंद करने का निर्णय लिया।


HMT का लीज प्रस्ताव उस सयम आया है जब कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद टैक्टर इंडस्ट्री की मांग में मजबूती देखने को मिल रही है।




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