जल्द सुधरेंगे पीएसयू बैंकों के हालात: बैंक ऑफ इंडिया -
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जल्द सुधरेंगे पीएसयू बैंकों के हालात: बैंक ऑफ इंडिया

प्रकाशित Wed, 14, 2018 पर 14:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया को 2341.2 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2017 की तीसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया को 101.7 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।


वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज आय 18.4 फीसदी घटकर 2,501 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2017 की तीसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज आय 3,066.7 करोड़ रुपये रही थी।


तिमाही दर तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया का ग्रॉस एनपीए 12.62 फीसदी से बढ़कर 16.93 फीसदी रहा है। तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया का नेट एनपीए 6.47 फीसदी से बढ़कर 10.29 फीसदी रहा है।


रुपये में बैंक ऑफ इंडिया के एनपीए पर नजर डालें तो तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में ग्रॉस एनपीए 49,307 करोड़ रुपये से बढ़कर 64,248.6  करोड़ रुपये रहा है। तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया का नेट एनपीए 23,566 करोड़ रुपये से बढ़कर 36,117.2 करोड़ रुपये रहा है।


तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की प्रोविजनिंग 1,953.3 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,899.7 करोड़ रुपये रही है जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में प्रोविजनिंग 2,302.6 करोड़ रुपये रही थी।


नो योर कंपनी में आज रडार पर है बैंक ऑफ इंडिया। खराब नतीजों के बाद बैंक के शेयर में भारी गिरावट आई है। कैसे सुधरेगी बैंक की सेहत इस पर बात करते हुए बैंक ऑफ इंडिया के एमडी और सीईओ दीनबंधु महापात्रा ने कहा कि तीसरी तिमाही में 5000 करोड़ रुपये के एनपीए की रिकवरी हो चुकी है जिसका असर अगली तिमाही के आंकड़ों पर दिखेगा।


उन्होंने आगे कहा कि एनपीए पर आरबीआई की नई गाइड लाइन से बैंक को ज्यादा दिक्कत नहीं होगी क्योंकि बैंक ऑफ इंडिया ने पहले से ही इस गाइड लाइन के अनुरूप ही कदम उठाने शुरू कर दिए थे। एनपीए पर आरबीआई के कदम से बैंको को फायदा होगा और वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही से हालात में सुधार दिखने लगेगा।