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Infosys Scam: कंपनी के खिलाफ शिकायत की स्वतंत्र जांच होगी-नीलेकणि

निष्पक्षता पूर्वक जांच पूरी करने के लिए CEO और CFO को इस मामले से हटा दिया गया है
अपडेटेड Oct 22, 2019 पर 14:45  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Infosys Ltd के चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने मंगलवार को कहा कि व्हिसलब्लोअर शिकायतों को सही ढंग से निपटाया जा रहा है। दरअसल कल 21 अक्टूबर को कंपनी के CEO और CFO के खिलाफ शिकायत की गई थी।


इस शिकायत के बाद आज मंगलवार को कंपनी के शेयरों में 16 फीसदी की गिरावट देखी गई। 12 अप्रैल 2013 के बाद अब तक की एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है। कंपनी के शेयर का भाव गिरकर 645 रुपये प्रति शेयर पर आ गए। 


Infosys ने अपने एक बयान में कहा है कि 3 अक्टूबर को कंपनी के बारे में लिखे गए पत्र को 16 को जानकारी दे दी गई थी। जिसे कथित तौर पर Whistleblower protection program में लिखा गया था। जिसे अमेरिका की वेबसाइट Washington D.C ने प्रकाशित किया था। शिकायत के सबूत ई-मेल वॉयस रिकार्डिंग में है। हालांकि जो गुमनाम ग्रुप हैं जो खुद को ethical employees कहते हैं। उन्होंने Infosys और US Securities and Exchange Commission (SEC) को बताया कि शिकायतकर्ताओं के पास दावों को साबित करने के लिए ई-मेल और वॉयस रिकार्डिंग है।


Infosys ने कहा कि उसे अभी तक कोई ई-मेल या वॉयस रिकार्डिंग नहीं मिली है। नीलेकणि ने जारी किए गए अपने बयान में कहा कि निष्पक्षता पूर्वक जांच पूरी करने के लिए CEO और CFO को इस मामले से हटा दिया गया है। 


11 अक्टूबर को बोर्ड मीटिंग के बाद ऑडिट कमेटी ने अपनी इंटरनल जांच के विषय में Ernst &Young के साथ मशविरा लेना शुरु किया। ऑडिट कमेटी ने अब एक इंडिपेंडेंट जांच कराने के लिए Shardul Amarchand Mangaldas & Co की लॉ फर्म को बरकरार रखा।


बोर्ड से ऑडिट के बाद ही उचित कदम उठाए जाएंगे। नीलेकणि ने कहा कि हमारी संवैधानिक ऑडिटर कंपनी Deloitte India भी इस मामले में पूरी तरह से अपड़ेट हो गई है।


बोर्ड से जांच के दौरान किसी भी प्रकार की कोई टिप्पणी नहीं होगी ताकि जांच पूरी तरीके से निष्पक्षता पूर्वक हो सके। जांच पूरी होने के बाद पूरी डिटेल बता दी जाएगी। बोर्ड कॉरपोरेट प्रशासन के उच्चतम स्तर को बनाए रखने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।


Greyhound Research के चीफ एनालिस्ट संचित वीर गोगिया ने कहा कि विश्लेषकों का मानना है कि जब मामला गंभीर हो तो यह Infosys तक ही सीमित नहीं रह जाता। इंडस्ट्री में हर कोई शार्ट कट के फिराक में रहता है। लेकिन यह Infosys के लिए दूसरी बार है इसलिए उन्हें विश्वसनीय तरीके से मामले को पारदर्शी तरीके से हैंडल करना होगा।


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