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एक दिन में Infosys के निवेशकों के 53,000 करोड़ रुपए डूबे, क्या है मामला?

दिन भर के कारोबार के दौरान BSE पर Infosys के शेयर 16.65 फीसदी गिरकर 640 रुपए पर बंद हुए हैं
अपडेटेड Oct 23, 2019 पर 08:26  |  स्रोत : Moneycontrol.com

IT कंपनी Infosys के शेयर मंगलवार को 17 फीसदी गिरकर 640 पर बंद हुए। दिनभर के कारोबार के दौरान Infosys के शेयरों में निवेशकों के करीब 53,451 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। एक व्हिसलब्लोअर ने कंपनी के CEO सलील पारेख और CFO नीलांजन रॉय पर अकाउंटिंग से जुड़ी गड़बड़ियां करने का आरोप लगाया है।


दिन भर के कारोबार के दौरान BSE पर Infosys के शेयर 16.21 फीसदी गिरकर 638.30 रुपए पर बंद हुए हैं। अप्रैल 2013 के बाद पहली बार Infosys के शेयरों में इतनी बड़ी गिरावट हुई है।


वॉल्यूम के हिसाब से देखें तो BSE पर कंपनी के 117.70 लाख शेयरों में कारोबार हुआ। वहीं NSE पर कुल 9 करोड़ शेयरों में कारोबार हुआ है।


क्या है मामला?


कंपनी के कुछ गुमनाम कर्मचारियों ने "Ethical Employess" के नाम से 20 सितंबर को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को दो पेज का लेटर भेजा था। इस लेटर में लिखा है, "पारेख और रॉय पिछली कई तिमाहियों से कंपनी में कुछ गड़बड़ी कर रहे हैं। इसके सबूत में उनके ईमेल और वॉयस रिकॉर्डिंग भेजा जा रहा है।"



हालांकि इस लेटर का बोर्ड की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद एक गुमनाम व्हीस्लब्लोअर ने एथिकल एंप्लॉयीज की तरफ से 3 अक्टूबर को अमेरिका के व्हीस्लब्लोअर प्रोटेक्शन प्रोग्राम को लेटर लिखकर बताया कि अप्रैल 2019 से सितंबर 2019 तिमाही तक इंफोसिस की बैलेंसशीट्स में अकाउंटिंग से जुड़ी गड़बड़ियां की गई हैं।



इसके जवाब में Infosys ने सोमवार को कहा कि व्हीस्लब्लोअर की शिकायत को जांच कमिटी के सामने रखा गया है। कंपनी ने कहा, "कंपनी की ब्हीस्लब्लोअर पॉलिसी के तहत इस मामले को डील किया जा रहा है।"



ब्हीस्लब्लोअर के लेटर में लिखा गया है, "पिछली तिमाही (जुलाई-सितंबर) में हमें कहा गया है कि वीजा कॉस्ट को पूरी तरह ना जोड़ा जाए ताकि कंपनी का प्रॉफिट बेहतर दिखे। हमने इस बातचीत की वॉयस रिकॉर्डिंग भी कर ली है।"



कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि फिस्कल ईयर 2019-20 में तिमाही नतीजों के दौरान उनपर इस बात का दबाव बनाया गया था कि 5 करोड़ डॉलर के अपफ्रंट पेमेंट की लौटाने का जिक्र ना किया जाए। ऐसा होने से कंपनी का प्रॉफिट कम दिखेगा और इसका असर शेयर प्राइस पर पड़ेगा।