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Infosys कहीं Satyam बनने की राह पर तो नहीं, गुमनाम कर्मचारियों ने CEO पर लगाए गंभीर आरोप

इन गुमनाम कर्मचारियों ने "Ethical Employess" के नाम से 20 सितंबर को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को दो पेज का लेटर भेजा था
अपडेटेड Oct 22, 2019 पर 13:01  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Infosys। सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर कंपनी Infosys विवादों में घिर गई है। कुछ गुमनाम कर्मचारियों ने Infosys के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सलील पारेख और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) निलांजन रॉय पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। इन कर्मचारियों का कहना है कि पिछली कुछ तिमाहियों से ये अधिकारी कंपनी में कुछ गलत गतिविधियां कर रहे हैं।


लाइव मिंट के मुताबिक, इन गुमनाम कर्मचारियों ने "Ethical Employess" के नाम से 20 सितंबर को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को दो पेज का लेटर भेजा था। इस लेटर में लिखा है, "पारेख और रॉय पिछली कई तिमाहियों से कंपनी में कुछ गड़बड़ी कर रहे हैं। इसके सबूत में उनके ईमेल और वॉयस रिकॉर्डिंग भेजा जा रहा है।"


हालांकि इस लेटर का बोर्ड की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद एक गुमनाम व्हीस्लब्लोअर ने एथिकल एंप्लॉयीज की तरफ से 3 अक्टूबर को अमेरिका के व्हीस्लब्लोअर प्रोटेक्शन प्रोग्राम को लेटर लिखकर बताया कि अप्रैल 2019 से सितंबर 2019 तिमाही तक इंफोसिस की बैलेंसशीट्स में अकाउंटिंग से जुड़ी गड़बड़ियां की गई हैं।


इसके जवाब में Infosys ने सोमवार को कहा कि व्हीस्लब्लोअर की शिकायत को जांच कमिटी के सामने रखा गया है। कंपनी ने कहा, "कंपनी की ब्हीस्लब्लोअर पॉलिसी के तहत इस मामले को डील किया जा रहा है।"


ब्हीस्लब्लोअर के लेटर में लिखा गया है, "पिछली तिमाही (जुलाई-सितंबर) में हमें कहा गया है कि वीजा कॉस्ट को पूरी तरह ना जोड़ा जाए ताकि कंपनी का प्रॉफिट बेहतर दिखे। हमने इस बातचीत की वॉयस रिकॉर्डिंग भी कर ली है।"


कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि फिस्कल ईयर 2019-20 में तिमाही नतीजों के दौरान उनपर इस बात का दबाव बनाया गया था कि 5 करोड़ डॉलर के अपफ्रंट पेमेंट की लौटाने का जिक्र ना किया जाए। ऐसा होने से कंपनी का प्रॉफिट कम दिखेगा और इसका असर शेयर प्राइस पर पड़ेगा।


लेटर में यह भी लिखा है, "ऑडिटर्स और कंपनी के बोर्ड से अहम जानकारियां छिपाई गईं। वेरिजॉन, इंटेल और जापान में JV जैसे जो बड़े डील हुए हैं उनमें रेवेन्यू का मामला अकाउंटिंग स्टैंडर्ड के मुताबिक नहीं था।" कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें यह निर्देश दिया गया था कि वो ऑडिटर्स को बड़े डील की जानकारी ना दें।


उन्होंने कहा, "CEO रिव्यू और अप्रूवल्स की अनदेखी कर रहे हैं और उन्हें सेल्स टीम को निर्देश दे रहे हैं कि वो अप्रूवल के लिए मेल ना करें। वह उन्हें मार्जिन के लिए गलत अनुमान लगाने को कह रहे हैं।"


कर्मचारियों ने आरोप लगाया है, "CEO ने हमें कहा है कि बोर्ड में कोई भी इन बातों को नहीं समझेगा। जब तक शेयर के भाव ऊपर हैं तब तक वो लोग खुश हैं। वो दो मद्रासी (सुंदरम और प्रह्लाद) और डिवा (किरण मजुमदार शॉ) कोई भी मुद्दा उठाते हैं। उन्हें इग्नोर करो।" बायोकॉन की चेयरपर्सन शॉ Infosys के बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के तौर पर हैं।


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