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IPL 2020: चाइनीज कंपनियों के बहिष्कार के बावजूद IPL की स्पॉन्सर बनी रहेगी Vivo

BCCI को Vivo से सालाना 440 करोड़ रुपये मिलते हैं और पांच साल का यह करार 2022 में खत्म होना है
अपडेटेड Aug 03, 2020 पर 15:29  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत-चीन के बीच सीमा पर तनाव (India china standoff) और चीनी कंपनियों और उनके उत्पादों का देश में बहिष्कार (bycott chinese goods) के आह्वान के बावजूद चीनी मोबाइल कंपनी वीवो (Vivo) आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की टाइटल स्पॉन्सर (Title sponsor) बनी रहेगी। यानी इस साल यूएई (UAE) में 19 सितंबर से 10 नवंबर तक खेले जाने वाले आईपीएल को Vivo IPL की कहा जाएगा।

IPL की गवर्निंग काउंसिल ने रविवार को चीनी मोबाइल कंपनी VIVO सहित अपने सभी प्रायोजकों को बनाए रखने का फैसला किया है, जिनमें चीन की कई कंपनियां (Chinese companies) हैं। कोविड-19 (Covid-19) को देखते हुए इस साल के IPL में अनलिमिटेड रिप्लेसमेंट्स को मंजूरी दी गई है। हालांकि, हरेक टीम में पूर्व की तरह अधिकतम 24 खिलाड़ी (Cricketer) ही होंगे। लेकिन टीमें खिलाड़ियों को रिप्लेस कर सकेंगी। IPL गवर्निंग काउंसिल के एक सदस्य ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा “मैं बस इतना कह सकता हूं कि हमारे सभी प्रायोजक हमारे साथ हैं।''


Vivo से मिलते हैं सालाना 440 करोड़ रुपए


BCCI ट्रेजर अरुण धूमल ने कहा कि IPL जैसे इवेंट को प्रायोजित करने वाली चीनी कंपनियां केवल हमारे देश के हितों की सेवा करती हैं। BCCI को Vivo से सालाना 440 करोड़ रुपये मिलते हैं और पांच साल का यह करार 2022 में खत्म होना है। धूमल ने कहा, जब आप भावनात्मक रूप से बात करते हैं, तो आप तर्क को पीछे छोड़ देते हैं। हमें चीनी कंपनी का समर्थन करने या चीनी कंपनी से भारत के कारण का समर्थन करने के बीच अंतर को समझना होगा। जब हम चीनी कंपनियों को भारत में अपने उत्पादों को बेचने की अनुमति दे रहे हैं, जो भी पैसा वे भारतीय उपभोक्ता से ले रहे हैं, वे इसका हिस्सा बीसीसीआई (BCCI) को दे रहे हैं और बोर्ड उस पैसे पर भारत सरकार को 42 प्रतिशत टैक्स का भुगतान कर रहा है। इसलिए BCCI भारत का समर्थन कर रही है चीन का नहीं।


सोशल मीडिया पर BCCI का विरोध


सोशल मीडिया पर BCCI के इस फैसले का विरोध हो रहा है। ट्विटर पर #BoycottIPL ट्रेंड कर रहा है। लोगों ने निशाना साधते हुए कहा कि BCCI शर्म करो। एक यूजर ने लिखा कि दर्शक भी चीनी ही ढूंढ लो। वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा कि BCCI और IPL को इस फैसले पर दोबारा सोचना चाहिए। एक यूजर ने लिखा कि देश पहले होता है, BCCI सिर्फ पैसा कमाना चाहता है। सैनिकों को सम्मान दें और IPL का बहिष्कार करें।


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