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ईरान की गैस परियोजना को लगा झटका, फ्रांस के बाद चीन भी हुआ बाहर

चीन के पीछे हटने से ईरान की कंपनी Petropars (पेट्रोपार्स) जिम्मेदारी संभालेगी।
अपडेटेड Oct 07, 2019 पर 18:21  |  स्रोत : Moneycontrol.com

ईरान के तेल मंत्री ने कहा है कि चीन की CNPC कंपनी ने ऑफसोर(अपटतीय) गैस क्षेत्र के विकास से पीछे हट गई है। इस परियोजना में चीन ने खुद ही अपना नाम वापस ले लिया है। चीन के पीछे हटने से इसकी जिम्मेदारी ईरान की सरकारी कंपनी Petropars (पेट्रोपार्स) संभालेगी। 


दरअसल मामला कुछ यूं है कि दुनिया के बड़े देशों ने साल 2015 में एक समझौता किया था। इस समझौते के बाद परमाणु कार्यक्रमों को सीमित रखने के बदले में प्रतिबंधों से छूट दी गई थी। ईरान के साथ हुए समझौते में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, चीन और रूस भी शामिल थे। इन देशों ने ईरान के साथ समझौते पर बने रहने की बात कही।  इसके बाद साल 2017 में चीन की CNPC,  फ्रांस की पेट्रो कंपनी टोटल और पेट्रोपार्स के बीच इस गैस क्षेत्र को लेकर समझौता हुआ था। अब CNPC ईरान की बड़ी गैस परियोजना से बाहर हो गई है।


मई 2018 में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से हुए परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग करते हुए ईरान पर फिर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे, जिसके तीन महीने बाद फ्रांस की पेट्रो कंपनी ने खुद को ईरान की परियोजना से बाहर कर लिया था।


चीन की CNPC कंपनी इस प्रोजेक्ट से बाहर क्यों हुई, इसका अभी तक पता नहीं चल सका है। लेकिन माना जा रहा है कि अमेरिका के ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध की वजह से चीन ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं।


ईरान न्यूक्लियर डील में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, चीन और रूस ने अमेरिका के पीछे हटने के बावजूद समझौते में बने हुए हैं। लेकिन इनके प्रयासों का अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है।


चीन के पेट्रोलियम मंत्री बिजन नामदार जांगेनेह ने कहा कि इस क्षेत्र का विकास Petropars (पेट्रोपार्स) करना चाहती थी। लेकिन हम फॉरेन इन्वेस्टमेंट आर्कर्षित करना चाहते थे।


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