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अमेरिका में 2020-2021 में आ सकती है मंदी: इकोनॉमिस्ट

यह सर्वे रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिका के मंदी में घिरने की बात का विरोध किया है
अपडेटेड Aug 20, 2019 पर 09:36  |  स्रोत : Moneycontrol.com

आर्थिक विशेषज्ञों के बीच एक सर्वे में बहुमत की राय यदि मानी जाये तो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका दो साल के अंदर मंदी में फंसने जा रही है। उनके मुताबिक अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के कदमों से इस मंदी की शुरुआत का संभावित समय पीछे टाल दिया गया है।


यह सर्वे रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिका के मंदी में घिरने की बात का विरोध किया है। अमेरिका में पिछले सप्ताह जारी साप्ताहिक आर्थिक आंकड़ों में भी कुछ मिली जुली तस्वीर उभर रही है।


ट्रंप  ने रविवार को कहा था, मैं हर बात के लिए तैयार हूं। मुझे नहीं लगता कि हम मंदी में पड़ेंगे। हम बहुत अच्छा चल रहे हैं। हमारे उपभोक्ता धनी हैं। मैंने उन्हें टैक्स में जबरदस्त छूट दी है उनके पास खूब पैसा है और वे खरीदारी कर रहे हैं। मैंने वॉलमार्ट के आंकड़े देखें हैं उन्हें छप्पर फाड़ आमदनी हो रही है।


 कंपनियों के अर्थशास्त्रियों के संगठन नेशनल एसोसिएशन फार बिजनेस इकॉनमिस्ट्स (NABE) के ताजा सर्वे में फरवरी की तुलना में विशेषज्ञों की संख्या काफी कम हुई है जो यह मानते हैं कि अमेरिका में मंदी का दौर इसी वर्ष (2019) में शुरू हो जायेगा।


NABE ने यह सर्वे 31 जुलाई को फेडरल रिजर्व के पॉलिसी रेट कम करने से पहले किया था। इससे पहले ट्रंप फेडरल रिजर्व पर नीतिगत ब्याज ऊंची रख कर अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते रहे थे।


फेडरल रिजर्व पहले से संकेत दे रहा था कि वह अर्थव्यवस्था के आगे के हालात को लेकर चिंता को देखते हुए ब्याज दर बढ़ाने की नीतिगत दिशा में बदलाव कर सकता है। फेड ने 2018 में नीतिगत दर बढ़ाने का सिलसिला शुरू किया था।