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EMI से संबंधित RBI की मोहलत का फायदा उठाना ग्राहकों पर निर्भरः Shriram Transport Finance

कंपनी का मानना है कि जिन ग्राहकों के पास पैसा होगा वे समय पर ही रिपेमेंट करेंगे।
अपडेटेड Apr 04, 2020 पर 09:17  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नो योर कंपनी में आज रडार पर Shriram Transport Finance है। कंपनी इस समय खबरों में हैं क्योंकि Fitch ने कंपनी की रेटिंग डाउनग्रेड की है। इसके अलावा एसेट क्वालिटी को लेकर जोखिम की बात कही है। उनको उम्मीद है कि यदि ये प्रतिबंध लंबा चला तो लोन कलेक्शन और एसेट रिकवरी में विलंब हो सकता है।


SHRIRAM TRANSPORT FINANCE में ट्रेड प्रेस्सर के बाद निचले स्तरों से कुछ रिकवरी देखने को मिली है। ये शेयर 440 रुपये के लो से 40 प्रतिशत सुधरा है परंतु काफी वोलाटाइल है। ये शेयर अपने साल के उच्च स्तर से अभी भी 50 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है। इसका 52 हफ्तों का उच्च स्तर 1366 रुपये जबकि निचला स्तर 440 रुपये है।


सीएनबीसी-आवाज़ के साथ बात करते हुए कंपनी के MD और CEO उमेश रेवनकर ने कहा कि कंपनी से लोने लेनेवाले ट्रक के मालिक ज्यादातर कैश में रिपेमेंट करते थे। नोटबंदी के बाद लोगों ने डिजिटल पेमेंट करना शुरू कर दिया है। अब कंपनी के ऐसे ग्राहक चेक, बैंक ट्रांसफर या अन्य डिजिटल तरीके से लोन का रिपेमेंट करते हैं जिसके चलते अब 70 प्रतिशत पेमेंट डिजिटल होता है। हालांकि 10 साल पहले तक 80 प्रतिशत रिपेमेंट कैश होते थे।


उमेश ने कहा कि इस कोरोना संकट के दौरान भी ट्रक चल रहे हैं क्योंकि अनिवार्य सप्लाइ चल रही है। लेकिन इस सप्लाइ चेन में यह कहना मुश्किल है कि कौन सी सप्लाई अत्यंत अनिवार्य है कौन सी ज्यादा जरूरी नहीं है। इस समय 50 प्रतिशत मूवमेंट शुरू हो गया है लेकिन सब जगह जिले, राज्य स्तर पर स्थितियां अलग-अलग हैं।


उमेश ने आगे कहा कि इस समय कोरोना के कारण सारे कार्यालय बंद है इसलिए वसूली नहीं हो रही है। हालांकि काम को आगे बढ़ाने के लिए ग्राहकों से एसएमएस पर बात हो रही है। जिनके पास नकद है उनसे निवेदन कर रहे हैं वे लोन की रकम को अपने नजदीकी बैंक में श्रीराम के खाते में जमा कराएं और कंपनी के कार्यालय में आने का प्रयास न करें क्योंकि इस समय कंपनी के कार्यालय खुले हुए नहीं हैं।


आरबीआई की डेफरमेंट पॉलिसी पर उन्होंने कहा कि आरबीआई द्वारा ईएमई के भुगतान में 3 महीनों की मोहलत दी गई है। लेकिन कंपनी का मानना है कि जिन ग्राहकों के पास पैसा होगा वे समय पर ही रिपेमेंट करेंगे। फिर भी कितने ग्राहक ऑनटाइम पेमेंट लेंगे कितने मोहलता का फायदा उठायेंगे ये उन ग्राहकों पर निर्भर करता है।


कंपनी को मिलनेवाले लेट रिपेमेंट को एसेट क्वालिटी में कन्वर्ट नहीं कर सकते हैं। कंपनी को एसेट क्वालिटी की चिंता नहीं है आने वाले दो महीने में सब ठीक हो जाने की उम्मीद है। 

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