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Jet Airways अगर डूब गई तो कर्जदारों को मिलेंगे सिर्फ 40 करोड़ डॉलर!

Jet Airways को चलाने वाले अगर कोई खरीदार नहीं मिला तो कंपनी की वैल्यू बकाया राशि के 10% से भी कम रहेगी
अपडेटेड Sep 05, 2019 पर 16:37  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Jet Airway को चलाने के लिए अगर कोई खरीदार नहीं मिलता है तो कंपनी का हाल किंगफिशर की तरह हो सकता है। दिवालिया हो चुकी कंपनी को अगर अलग-अलग हिस्से में बेचा जाता है तो बकाया राशि का 10 फीसदी से भी कम रकम मिल पाएगी।


इस मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एयरलाइन के फाइनेंशियल और ऑपरेशनल लेनदारों, जिनके पास तकरीबन 300 अरब रुपये बकाया है। जबकि Jet Airways की बिक्री से केवल 30-40 करोड़ डॉलर ही मिलने की संभावना है।


मौजूदा समय में Jet Airways के पास 4-6 बोइंग विमान और एयरबस हैं। इसके साथ ही देश में उसकी कुछ रियल एस्टेट प्रॉपर्टी भी है। हालांकि इनपर भी अभी कुछ बकाया राशि देनी है। एयरलाइन साल भर में कम से 120 से अधिक विमानों का फ्लीट ऑपरेट कर रही थी। इन विमानों ने सिंगापुर, दुबई, लंदन जैसे इंटरनेशन हबों और दर्जनों डोमेस्टिक उड़ानें भरी।


नकदी के संकट के चलते अप्रैल में Jet Airways की उड़ान बंद हो गई थी। साथ ही कई लोगों को नौकरी से हाथ भी धोना पड़ा था। RBI ने Jet Airways की उड़ान की पहल भी की, लेकिन अभी तक इसके रिवाइवल पर सफलता नहीं मिली है।


कोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए लोगों ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि ध्यान Resolution पर है न कि liquidation पर। लेंडर्स के अलावा कंपनी के पास सप्लायर्स, वेंडर्स और कर्मचारियों सहित 2,400 लेनदार हैं।  


Resolution के मायने इस प्रक्रिया से है कि Jet Airways का पूरा कारोबार बेच दिया जाए और कोई और इसे चलाए। वहीं liquidation के मायने है कि कंपनी को पुर्जे-पुर्जे करके बेच दिया जाए। यानी Jet Airways के विमान किसी और को, रियल एस्टेट प्रॉपर्टी किसी और को। इस तरह Jet Airways का नाम हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा जैसा किंगफिशर के साथ हुआ।


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