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खत्म नहीं हो रहा जेट एयरवेज का संकट!

प्रकाशित Wed, 17, 2019 पर 12:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जेट एयरवेज को बचाने के लिए तुरंत 400 करोड़ रुपये की जरूरत है। जेट के सीईओ विनय दुबे ने यह मांग स्टेट बैंक के सामने रखी है। विनय दुबे का कहना है कि जेट को बचाना है तो पैसा तुरंत डालना होगा। जेट ने बैंकों से फंड रिलीज का निवेदन किया है। फंड रिलीज पर बैंकों ने अब तक फैसला नहीं लिया है। जेट एयरवेज के फिलहाल 5 विमान सेवा में हैं। जेट एयरवेज के 90 फीसदी स्लॉट्स खाली हैं।


विमानन सचिव ने अपने बयान में कहा है कि हवाई किरायों को लेकर डीजीसीए ने बैठक की है। डीजीसीए ने बढ़े हुए किराए पर चिंता जताई है। डीजीसीए ने एविएशन कंपनियों का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। ये प्रस्ताव जेट के खाली स्लॉट के लिए दिया गया था। हवाई किराए में 10-30 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। डीजीसीए ने कंपनियों को किराया कम करने का निर्देश दिया है।


उधर जेट की मुश्किल बरकरार है। सूत्रों के मुताबिक जेट ने ऑपरेशंस की जानकारी पीएमओ को दी है। जेट का कामकाज अस्थाई तौर पर बंद हो सकता है। जेट एयरवेज के 23 पायलटों ने इस्तीफा दिया है। बैंक ने कहा है कि जेट को लेकर कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है। एसबीआई ने कहा है कि जेट के रिवाइवल पर विचार किया जा रहा है। अभी कुछ फाइनल नहीं हुआ है। वहीं पीएनबी ने कहा है कि जेट के रिवाइवल के लिए लेनदार गंभीर हैं।