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Jet Airways को मिली 4 बोलियां, जानें कौन हैं ये लोग

प्रकाशित Fri, 17, 2019 पर 12:49  |  स्रोत : Moneycontrol.com

जेट एयरवेज के लिए बोली लगाने वालों में कोई प्रोफेसर है तो कोई पूर्व एयर पैसेंजर सर्विस एजेंट हैं। कोई सॉफ्टवेयर कंपनी के पूर्व बॉस थे तो कोई प्रभावशाली राजनीतिक परिवार का सदस्य है। नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के लिए अनसॉलिसिटेड बिडर्स में कई तरह के निवेशक शामिल हैं।


अनसॉलिसिटेड बिडर्स के मायने ऐसे निवेशकों से है जिसे बैंकों ने आमंत्रित नहीं किया है। जो अपनी मर्जी से निवेश करना चाहते हैं। कंपनी को कर्ज देने वाले बैंक यह तय करेंगे कि कौन सा निवेशक बोली लगा सकता है और कौन सा निवेशक बोली लगाने की स्थिति में नहीं है।


बैंकों ने उठाया अहम कदम


अभी कुछ दिनों पहले ही बैंकों ने ऐलान किया था कि वे कुछ अनसलिसिटेड बिडर्स से बात करेंगे ताकि यह पता चल सके कि जेट एयरवेज की रिकवरी के लिए उनके पास क्या प्लान है।


बैंक जेट एयरवेज के लिए नए निवेशकों की तलाश कर रहे हैं क्योंकि कंपनी के मौजूदा निवेशक ने बहुत ज्यादा निवेश करने से इनकार कर दिया। जेट एयरवेज की शेयरहोल्डर कंपनी आबूधाबी की एतिहाद एयरवेज PJSC ने कहा है कि वह कंपनी में मौजूदा 24 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं बढ़ाएगी। एतिहाद सिर्फ 1400 करोड़ रुपए जेट एयरवेज में निवेश करना चाहती हैं जो संकटग्रस्त कंपनी की लायबिलिटीज के मुकाबले बहुत कम है।


इन निवेशकों पर कंपनी की नजर


जेसन अन्सवर्थ


जेट एयरवेज पर दाव लगाने वाले सबसे पहले ब्रिटिश एयरलाइन के पूर्व सर्विस एजेंट जेसन अन्सवर्थ हैं। वह पैसेंजर्स को चेक-इन डेस्क, ड्रॉप डेस्क और सेल्फ सर्विस कियोस्क का काम देखते थे। अन्सवर्थ को पूरा भरोसा है कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह जेट एयरवेज को रिवाइव कर सकते हैं।


एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि मेरे पास इंडस्ट्री के सबसे अनुभवी कंसल्टेंट्स का नेटवर्क है। साथ ही उन्हें अलग-अलग एयरलाइंस में काम करने का 10 साल का अनुभव है। अपने आखिरी 4 साल में उन्होंने एयरलाइन प्रोफेशनल्स की एक स्टार्टअप टीम बनाई है जो इस साल सर्दियों में एक एयरलाइन लॉन्च कर सकता है।


डारविन ग्रुप


जेट एयरवेज में मुंबई की डारविन ग्रुप की भी दिलचस्पी है। डारविन ग्रुप आईटी, फार्मा, पावर, शिपिंग सहित कई दूसरे सेक्टर्स में काम करती है।


15 मई को डारविन ग्रुप के प्रतिनिधियों ने SBI कैपिटल मार्केट्स के उन अधिकारियों से मुलाकात की जो जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले बैंकों को सलाह दे रहे हैं। डारविन ग्रुप ने कंपनी में 14,000 करोड़ रुपए निवेश करने का ऑफर दिया है। इस निवेश से जेट एयरवेज का पूरा कर्ज चुकता हो जाएगा।


डारविन ग्रुप की एक कंपनी डारविन प्लेटफॉर्म होल्डिंग लिमिटेड की बैलेंसशीट के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2018 में कंपनी का नेट प्रॉफिट सिर्फ 34,751 रुपए और नेट सेल्स 17.08 लाख रुपए था।


ग्रुप के चेयरमैन अजय हरिनाथ सिंह और कंपनी की वेबसाइट का दावा है कि सिंह का ताल्लुक एक बहुत प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से है। इस परिवार का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से है।


एडि पार्टनर्स LLP


जेट एयरवेज के लिए बोली लगाने वाले में तीसरी कंपनी लंदन की इनवेस्टमेंट फर्म एडि पार्टनर्स LLP है। कंपनी जेट एयरवेज में अपनी शुरुआती दिलचस्पी जताई थी। कंपनी की शुरुआत 2012 में संजय विश्वनाथन ने किया था। इससे पहले वह बेंगलुरु की IT फर्म सोनाटा सॉफ्टवेयर के चीफ एग्जिक्यूटिव थे. नौकरी छोड़कर उन्होंने एढि पार्टनर्स की शुरुआत की थी.


पिछले पांच साल में एडि पार्टनर्स के ट्रांजैक्शन के बारे में सार्वजनिक तौर पर बहुत कम जानकारी है। मिंट के मुताबिक, विश्वनाथन ने कहा था हमारे पास लॉन्ग टर्म निवेशकों का बड़ा नेटवर्क है। उन्होंने कहा था कि हम एतिहाद के साथ मिलकर जेट के लिए बोली लगाना चाहेंगे।


शंकरन रघुनाथन


जेट के लिए बोली लगाने वाले चौथे फ्लोरिडा के कॉलेज प्रोफेसर शंकरन रघुनाथन की अगुवाई वाला एक कंसोर्शियम है। रघुनाथऩ का दावा है कि वह जेट एयरवेज के माइनॉरिटी स्टेहोल्डर्स का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ग्रुप की योजना 21,500 करोड़ रुपए जुटाने की है।


3500 करोड़ रुपए का ब्रिज फंड एतिहाद एयरजवेज और 2000 करोड़ रुपए नेशनल इनवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) से जुटाए जाएंगे।


उन्होंने कहा कि हमने एतिहाद के प्रतिनिधियों से बातचीत की थी जो जेट में 24 फीसदी हिस्सेदारी बरकरार रखना चाहते हैं। हम NIIF से भी बात कर रहे हैं लेकिन अभी तक हमें उनका जवाब नहीं मिला है। अगर NIIF पार्टनरशिप के लिए तैयार हो जाती है तो 10 फीसदी तक निवेश कर सकती है।