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Jet Airways: नेट प्रॉफिट 35,000 रुपए से कम और दावा जेट एयरवेज को 14,000 करोड़ देने का

प्रकाशित Fri, 17, 2019 पर 13:57  |  स्रोत : Moneycontrol.com

क्या आप इस बात पर यकीन करेंगे कि कोई ऐसा ग्रुप जेट एयरवेज की मुश्किलें दूर करने का दावा कर सकता है जिसकी अपनी एक कंपनी का नेट प्रॉफिट 35000 रुपए से कम हो। जी हां, इस ग्रुप का नाम है डारविन ग्रुप।


ग्रुप की एक कंपनी डारविन प्लेटफॉर्म होल्डिंग लिमिटेड का नेट प्रॉफिट फाइनेंशियल ईयर 2018 में सिर्फ 34,751 रुपए हो। इस दौरान कंपनी की नेट सेल्स 17.08 लाख रुपए की रही। कुछ दिनों पहले ही इस ग्रुप ने जेट एयरवेज में हिस्सेदारी लेने में दिलचस्पी जताई थी।


डारविन ग्रुप के चेयरमैन अजय हरिनाथ सिंह का दावा था कि वह जेट एयरवेज में 14,000 करोड़ रुपए का निवेश करना चाहते हैं। दिलचस्प है कि इस रकम से जेट एयरवेज का 8500 करोड़ रुपए के कर्ज के साथ सारी लायबिलिटीज पूरी हो जाएंगी। उनका यह भी कहना है कि उनका संबंध यूपी के सुल्तानपुर के किसी राजनीतिक परिवार से है।


जेट एयरवेज स्टेक सेल के लिए नियुक्त कंसलटेंट SBI कैपिटल ने डारविन ग्रुप के अजय हरिनाथ का यह दावा खारिज कर दिया है। SBI कैपिटल ने जब कंपनी के बहीखातों का ड्यू डिलिजेंस किया तो पता चला कि ग्रुप मिनिमम स्टैंडर्ड को भी पूरा नहीं कर पा रहा है।


जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले बैंकों के कंसोर्सियम ने अप्रैल में स्टेक सेल की प्रक्रिया शुरू की थी। अभी तक जो कंपनियां शॉर्टलिस्ट हुई हैं उनमें से किसी भी कंपनी ने 10 मई तक जेट एयरवेज में मेजॉरिटी स्टेक लेने पर सहमति नहीं जताई है। जेट एयरवेज की बिल्डिंग प्रक्रिया 10 मई को खत्म हुई थी।


क्या कहना है एतिहाद का?


जेट एयरवेज की मौजूदा पार्टनर एतिहाद एयरवेज ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह अपनी माइनॉरिटी हिस्सेदारी 24.9% तक ही बढ़ा सकती है।


क्या करेंगे बैंक?


जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले बैंक की कोशिश है कि कोई एक बड़ा निवेशक नहीं मिलता है तो अलग-अलग पार्टनर्स को जोड़कर एक ग्रुप बना ले। बैंकों को अगर कोई निवेशक नहीं मिलता है तो आखिरी विकल्प कंपनी को लिक्विडेट करने का है। लिक्विडेट करने के मायने हैं कि कंपनी के एसेट्स अलग-अलग लोगों को बेचा जाएगा। इससे जेट एयरवेज का नाम हमेशा के लिए खत्म हो सकता है।


SBI कैपिटल ने ब्रिटेन की एडी पार्टनर को भी ड्यू डिलिजेंस के लिए पेपर जमा करने को कहा है। ड्यू डिलिजेंस में किसी कंपनी के बही खातों की जांच की जाती है। एडी पार्टनर की तरफ से अभी तक जैसन अन्सवर्थ ने कोई डॉक्यूमेंट जमा नहीं किए हैं। लिहाजा आशंका जताई जा रही है कि इनका दावा भी खारिज हो सकता है।


आज SBI कैपिटल की मीटिंग जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले बैंकों से होगी। लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है किए SBI कैपिटल इन अनसॉलिसिटेड बिडर्स का नाम बैंक के सामने रखेगी या नहीं।