Moneycontrol » समाचार » कंपनी समाचार

IIFL Securities ने Karvy के 11 लाख Demat Accounts और Axis Securities ने Trading Accounts की बोली जीती

Axis Securities ने Karvy में खोले गए ब्रोकिंग अकाउंट के अधिग्रहण के लिए बोली जीती, वहीं IIFL Securities ने Karvy में खोले गए 11 लाख Demat accounts के लिए बोली जीती
अपडेटेड Feb 25, 2021 पर 10:14  |  स्रोत : Moneycontrol.com

फर्जीवाड़े में पकड़े जाने के बाद से बंद कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड (Karvy Stock Broking Ltd) के डीमैट अकाउंट (Demat accounts) और ट्रेडिंग अकाउंट (Trading accounts) की बिडिंग प्रक्रिया पूरी हो गई है। एक्सिस सिक्योरिटीज लिमिटेड (Axis Securities Ltd) जहां Karvy में खोले गए ट्रेडिंग अकाउंट यानी ब्रोकिंग अकाउंट के अधिग्रहण के लिए बोली जीतने में कामयाब हुई है। वहीं, IIFL Securities ने Karvy में खोले गए करीब 11 लाख Demat accounts के लिए बोली जीता है। स्टॉक ब्रोकिंग फर्म Karvy की इस बिडिंग प्रक्रिया का आयोजन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और मेट्रोपोलिटयन स्टॉर एक्सचेंज (MSE) ने मिलकर आयोजित किया था।

आपको बता दें कि Karvy में खोले गए Demat accounts में जमाकर्तकाओं के 3.01 लाख करोड़ रुपये जमा हैं। बिडिंग प्रक्रिया और दूसरी औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद निवोशकों को उनका पैसा लौटा दिया जाएगा और Karvy में डीमैट अकाउंट खोलने वाले इंवेस्टर अब स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग कर सकेंगे। SEBI ने कार्वी का लाइसेंस निरस्त कर दिया है, लेकिन निवेशकों का फंसा पैसा दिलाने की व्यवस्था भी की है। निवेशक अपना पैसा वापस पाने के लिए 4 मार्च, 2021 तक क्लेम कर सकते हैं। SEBI के आदेश के बाद NSE और BSE पर कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग के ट्रेडिंग टर्मिनल दिसंबर 2019 में बंद हो गए थे।

बिड जीतने के बाद जेरोधा (Zerodha) और Upstox के बाद IIFL Securities देश की तीसरी सबसे बड़ी स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म बन जाएगी। अधिग्रहण के बाद IIFL Securities के डीमैट अकाउंट होल्डर्स की संख्या 13.83 लाख हो जाएगी। IIFL Securities ने कराब 140 करोड़ रुपये में Karvy के डीमैट अकाउंट्स का अधिग्रहण किया है। वहीं, Karvy के ट्रेडिंग अकाउंट्स का अधिग्रहण करने के बाद Axis Securities के कस्टमर्स की संख्या 25 लाख से बढ़कर 36 लाख हो जाएगी। बोली जीतने के बाद IIFL Securities के चेयरमैन R Venkataraman ने कहा कि अब 11 लाख इंवेस्टर जिनके अकाउंट 1 साल से अधिक समय से बंद पड़े हुए थे, दोबारा स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग कर पाएंगे।

क्या है पूरा मामला

Karvy Stock Broking Ltd ने फंड जुटाने के लिए अपने क्लायंट्स के शेयर को गुरवी रखकर कर्ज ले लिया था। इस स्कैम का पता जब बाजार नियामक SEBI को चला तो सेबी ने कार्वी के लाइसेंस को रद्द कर दिया और ट्रेडिंग पर रोक लगा दी। इससे BSE, NSE और MSE पर उसके ट्रेडिंग टर्मिनल बंद हो गए। इस वजह से Karvy Stock Broking Ltd में डीमैट और ब्रोकिंग अकाउंट खुलवाने वालों के अकाउंट फ्रीज हो गए और उनके पैसे अटक गए। 

सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।