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​HDFC की तिमाही नतीजों पर जानिए क्या है दिग्गज ब्रोकरेज हाउसेस की राय

चौथी तिमाही में HDFC की NII ग्रोथ अनुमान से बेहतर रही है लेकिन प्रोविजनिंग के कारण मुनाफे में गिरावट आई है।
अपडेटेड May 26, 2020 पर 12:54  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

चौथी तिमाही में HDFC की NII ग्रोथ अनुमान से बेहतर रही है। लेकिन प्रोविजनिंग के कारण मुनाफे में गिरावट आई है। वहीं ग्रॉस NPA में भारी बढ़ोतरी हुई है। नतीजों पर HDFC के CEO केकी मिस्त्री का कहना है कि लॉकडाउन के चलते लोन अकाउंट्स की फिजिकल रिकवरी नहीं हो पाई, साथ ही रियल एस्टेट अकाउंट्स में स्ट्रेस के चलते भी NPA में बढ़ोतरी दिखी है। इंडिविजुअल कैटेगरी में 95 फीसदी EMI इलेक्ट्रॉनिक्स से आती है। करीब 4 फीसदी Borrowers से जाकर पैसे लेने पड़ते हैं। लॉकडाउन के कारण फिजिकल रिकवरी मुश्किल हुई है। मार्च मध्य के बाद इंडिविजुअल रिकवरी घटी है। नॉन-इंडिविजुअल कैटेगरी में रियल एस्टेट में थोड़ा स्ट्रेस है। 90 दिन नहीं हुए लेकिन कुछ रियल एस्टेट अकाउंट्स में स्ट्रेस है। स्ट्रेस वाले अकाउंट्स निकाल दें तो नॉन-इंडिविजुअल NPA 3.7 फीसदी हो जाएगा।


​HDFC की तिमाही नतीजों पर आइए जानते हैं कि दिग्गज ब्रोकरेज हाउसेस की क्या है राय।


CREDIT SUISSE ने एचडीएफसी को आउटपरफॉर्म की रेटिंग देते हुए लक्ष्य 2080 रुपये से घटाकर 1800 रुपये निर्धारित किया है। वहीं CLSA ने इसमें खरीद की सलाह दी है। लेकिन CLSA ने भी 3030 रुपये से लक्ष्य घटाकर 2240 रुपये तय किया है।


इधर  MORGAN STANLEY ने भी कंपनी पर ओवरवेट रेटिंग की राय दी है। MORGAN STANLEY ने एचडीएफसी का लक्ष्य 2155 रुपये तय किया है।


सीएलएसए ने कहा है कि  ​HDFC की एनपीए बढ़ी है वहीं ग्रोथ धीमी हुई है। तिमाही आधार पर ग्राॉस एनपीएल में बढ़त देखने को मिली है और लोन ग्रोथ में निराश देखने को मिली है।  सीएलएसए का मानना है कि Covid-19 का कंपनी के कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।


वहीं CREDIT SUISSE ने कहा है कि चौथी तिमाही में एचडीएफसी के नतीजे सुस्त रहे हैं। कंपनी की ग्रोथ धीमी पड़ी है। वहीं एनपीए में बढ़त देखने को मिली है। हालांकि इसका वैल्यूएशन आकर्षक नजर आ रहा है। CREDIT SUISSE ने एचडीएफसी के ईपीएस अनुमान में 2 फीसदी की कटौती की है।


MORGAN STANLEY ने कहा है कि बैंड लोन में आए उछाल और कंपनी के कारोबार पर लागू लॉकडाउन के प्रतिकूल प्रभाव के चलते कंपनी को  प्रोविजनिंग बढ़ानी पड़ी है।


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