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कोटक महिंद्रा बैंक के प्रमोटर्स को RBI से शेयरहोल्डिंग कम करने की मंजूरी मिली

कोटक महिंद्रा बैंक ने 30 जनवरी को कहा था कि वह प्रमोटर के वोटिंग राइट्स को कम करके 15 फीसदी करना चाहता है
अपडेटेड Feb 19, 2020 पर 15:53  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने बुधवार को बताया कि RBI ने बैंक में प्रमोटर की हिस्सेदारी कम करने की मंजूरी दे दी है। बैंक ने 19 फरवरी को रेगुलेटर को दी गई जानकारी में बताया, "RBI ने अपने लेटर में प्रमोटर की हिस्सेदारी कम करने की मंजूरी दे दी है।"


कोटक महिंद्रा बैंक ने 30 जनवरी को कहा था कि वह प्रमोटर के वोटिंग राइट्स को कम करके 15 फीसदी करना चाहता है। वह इसे 1 अप्रैल से लागू करना चाहते हैं। RBI ने कोटक महिंद्रा बैंक के प्रमोटर की वोटिंग राइट्स को घटाकर मार्च तक 20 फीसदी करने की मंजूरी दे दी है।


बैंक ने बताया कि RBI ने सैद्धांतिक तौर पर प्रमोटर की हिस्सेदारी घटाकर पेड-अप वोटिंग इक्विटी शेयर का 26 फीसदी करने की मंजूरी दे दी है।


उदय कोटक की अगुवाई वाले कोटक महिंद्रा बैंक ने कहा कि इसने बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर अपना केस वापस ले लिया है। इससे पहले RBI ने परपेचुअल नॉन-कंवर्टिबल प्रीफरेंस शेयर जारी करने के प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया।


क्या था मामला?


बैंक लाइसेंस नियमों के मुताबिक कोटक बैंक में प्रोमोटर हिस्सेदारी तय समय में घटाकर 15 फीसदी करनी थी। लेकिन अभी तक हिस्सेदारी 29.99 फीसदी है। 


कोटक बैंक में हिस्सेदारी घटाने के मामले में कोटक को कमजोर नियमों का फायदा मिल रहा है जिसकी वजह से आरबीआई और कोटक बैंक में टकराव बढ़ता जा रहा था। वहीं कोटक बैंक ने नियमों में कमी का फायदा उठाया है।


RBI के नियमों के तहत कोटक बैंक को प्रोमोटर हिस्सा 20 फीसदी से नीचे लाना है जबकि प्रमोटर ने हिस्सेदारी कम करने में ढिलाई की और बार-बार समय बढ़ाने के बावजूद हिस्सेदारी कम नहीं हुई है। कोटक ने कमजोर नियमों को फायदा उठाते हुए नॉन कन्वर्टिबल प्रीफरेंस शेयर जारी करने की बात कही है। प्रीफरेंस शेयर जारी करने से कैपिटल बेस बढ़ेगा और कैपिटल बेस 953 करोड़ रुपए से बढ़कर 1453 करोड़ रुपये हो जाएगा। कैपिटल बेस बढ़ने से हिस्सेदारी एडजस्ट होकर 19.70 फीसदी हो जाएगी लेकिन इस एडस्टमेंट के बावजूद वोटिंग राइट्स में कोई फेरबदल नहीं होगा।


इस मामले में RBI ने आपत्ति उठाई थी। RBI के अनुसार प्रमोटर हिस्सेदारी कम करने के लिए प्रीफरेंस शेयर का तरीका गलत है।
इस मुद्दे का समाधान न निकलने के कारण कोटक-आरबीआई का मामला 10 दिसंबर 2018 को कोर्ट पहुंचा था।


कोटक महिंद्रा बैंक देश की 9वीं सबसे वैल्युएबल कंपनी है। बीते 3 साल में कोटक महिंद्रा दूसरा सबसे बढ़िया प्रदर्शन करने वाला बैंक है। अप्रैल 2019 तक बैंक का मार्केट कैप 2.60 लाख करोड़ रहा है जबकि प्रोमोटर हिस्सेदारी 29.99 फीसदी रही है।


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