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सेबी को इंडिगो के रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन में मिली गड़बड़ी

इंडिगो को को-फाउंडर्स राकेश गंगवाल और राहुल भाटिया के बीच विवाद शुरू होने का असल मुद्दा भी थर्ड पार्टी ट्रांजैक्शन ही था
अपडेटेड Feb 25, 2020 पर 19:22  |  स्रोत : Moneycontrol.com

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने अपनी शुरुआती जांच में पाया है कि इंटरग्लोब एंटरप्राइज और इंडिगो के बीच ऐसे कई थर्ड पार्टी ट्रांजैक्शन हुए हैं जिनकी जानकारी प्रक्रिया के मुताबिक नहीं दी गई है। 


मनीकंट्रोल के मुताबिक, सूत्रों ने बताया, "सेबी को ऐसे कई थर्ड पार्टी ट्रांजैक्शन का पता चला है जिसकी जानकारी कंपनी की ऑडिट कमिटी और शेयरहोल्डर्स की नहीं थी। रेगुलेटर ने एक रिपोर्ट तैयार की है जो आगे की कार्रवाई के लिए कमिटी ऑफ इंटर्नल डिविजन चीफ तो भेज दिया गया है।"


हालांकि इस मामले में जब कंपनी से पूछा गया तो उसने कहा कि अभी उसे सेबी की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिली है। लिहाजा अभी वह इस मामले में कुछ नहीं बोल सकता।


विवाद का मुद्दा?


इंडिगो को को-फाउंडर्स राकेश गंगवाल और राहुल भाटिया के बीच विवाद शुरू होने का असल मुद्दा भी थर्ड पार्टी ट्रांजैक्शन ही था। गंगवाल का आरोप है कि इंटरग्लोब एंटरप्राइज से जुड़ी कंपनियों को इंडिगो के थर्ड पार्टी ट्रांजैक्शन से फायदा हुआ है। इंटरग्लोब एंटरप्राइज, राहुल भाटिया की कंपनी है। इंटरग्लोब एंटरप्राइज का इंटरग्लोब एविएशन में 37.87 फीसदी हिस्सेदारी है। इंटरग्लोब एविएशन इंडिगो का संचालन करती है।


एविएशन के अलावा इंटरग्लोब एंटरप्राइज हॉस्पिटैलिटी, एयरलाइन मैनेजमेंट, ट्रैवल कॉमर्स, एडवांस्ड पायलट ट्रेनिंग, एयरक्राफ्च मेंटेनेंस इंजीनियरिंग और रियल एस्टेट में भी दखल रखती है।


जुलाई 2019 में सेबी को लिखे लेटर में गंगवाल ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा था, " बिना ऑडिट कमिटी की मंजूरी लिए रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन हुई हैं। बिना टेंडर जारी किए या तीसरी पार्टी से बोली मंगाएं इंटरग्लोब एंटरप्राइज ने इंडिगो के साथ कई बार थर्ड पार्टी ट्रांजैक्शन किए हैं।"


गंगवाल के जवाब में इंटरग्लोब एंटरप्राइज ने कहा, "रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन की वैल्यू बहुत ज्यादा नहीं है। यह कंपनी के कंसॉलिडेटेड वैल्यू के 1 फीसदी से भी कम है।" हालांकि अभी यह पता नहीं चला है कि सेबी ने उन्हीं डील पर सवाल उठाया है जिसपर गंगवाल को ऐतराज था।
रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के नियम के मुताबिक, अगर कोई ट्रांजैक्शन 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का हो तो उसके लिए चार तरह के अप्रूवल की जरूरत होती है।


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