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NCLAT ने DHFL के लिए पिरामल कैपिटल के रिजॉल्यूशन प्लान पर रोक लगाने से किया इनकार

नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल की मुंबई बेंच ने डीएचएफएल के लिए पिरामल कैपिटल के रिजॉल्यूशन प्लान को स्वीकृति दी थी
अपडेटेड Jul 24, 2021 पर 12:23  |  स्रोत : Moneycontrol.com

नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLAT) ने DHFL के लिए सफल बिडर पिरामल  कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस के रिजॉल्यूशन प्लान के साथ ही उसे टेकओवर करने पर रोक लगाने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। 63 Moons Technologies ने पिरामल कैपिटल के रिजॉल्यूशन प्लान के खिलाफ याचिका दायर की थी।


जस्टिस ए आई एस चीमा और आलोक श्रीवास्तव की बेंच ने 63 Moons Technologies की रिजॉल्यूशन प्लान को नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच की ओर से दी गई स्वीकृति पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।


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NCLT ने 7 जून को कर्ज के बोझ से दबी DHFL के लिए पिरामल कैपिटल के रिजॉल्यूशन प्लान को स्वीकृति दी थी। इसके बाद DHFL की डिबेंचर होल्डर 63 Moons Technologies ने इसे NCLAT में चुनौती दी थी।


63 Moons Technologies ने  NCLT के ऑर्डर पर उसकी अपीलेट ट्राइब्यूनल के पास दाखिल दो अपीलों पर फैसला आने तक रोक लगाने का निवेदन किया था।


NCLAT ने कहा कि उसे नहीं लगता कि इन अपीलों में ऐसे कारण हैं जिन पर अंतिरम ऑर्डर दिया जाना चाहिए।


63 Moons Technologies के पास DHFL के 200 करोड़ रुपये से अधिक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) हैं। इसका कहना था कि NCLT की ओर से स्वीकृति वाले रिजॉल्यूशन प्लान से कंपनी के NCD होल्डर्स के हितों को नुकसान होगा।


इससे पहले DHFL के पूर्व प्रमोटर ने भी रिजॉल्यूशन प्लान को स्वीकृति मिलने में रुकावट डालने की कोशिश की थी लेकिन वह उसमें नाकाम रहे थे।


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