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लॉकडाउन में ठप रहा कारोबार लेकिन पहले के ऑर्डर नहीं होंगे कैंसल: VE Commercial Vehicles (EICHER MOTORS)

विनोद अगरवाल ने आगे कहा कि कमर्शियल गाडियों का कारोबार इकोनॉमी से लिंक होता हैं। इसलिए यदि इकोनॉमी में गिरावट रहेगी तो कारोबार में भी गिरावट रहेगी।
अपडेटेड Apr 29, 2020 पर 16:52  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नो योर कंपनी में आज VE Commercial Vehicles (Eicher Motors) है। ये कंपनी वॉल्वो ग्रुप और आयशर मोटर की ज्वाइंट वेंचर कंपनी है। साल 2008 से इसका कामकाज चल रहा है। इस ज्वाइंट वेंचर में आयशर की सभी कमर्शियल गाडि़यों के साथ वॉल्वो ट्रक की बिक्री और वितरण किया जाता है।


EICHER MOTORS कंपनी रॉयल एनफिल्ड की लिस्टेड पैरेंट कंपनी है। इसके अलावा आयशर का स्वीडन की वॉल्वो के ज्वाइंट वेंचर है। आयशर मोटर्स का इस जेवी में 54.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं वीई कमर्शियल वेहिकल्स का घरेलू LMD (Light To Medium Duty) सेगमेंट में 29 प्रतिशत हिस्सेदारी है।


कंपनी के MD & CEO विनोद अगरवाल ने सीएनबीसी-आवाज़ के साथ बातचीत करते हुए कहा कि लॉकडाउन के चलते कुछ उत्पादन ही नहीं हुआ और न ही कोई बिक्री हुई है।


ऑनलाइन बिक्री के आइडिया पर उन्होंने कहा कि कंपनी को ट्रक को डिस्पैच करना होता है। इसलिए बुकिंग होने के बावजूद जब तक डिस्पैच न हो डील पूरी नहीं होती है। लॉकडाउन के कारण कंपनी के द्वारा अभी तक मार्च के ट्रक डिस्पैच करना बाकी है क्योंकि कंपनी के पास ड्राइवर नहीं हैं डिलीवरी करने के बाद जहां डिस्पैच होगा वहां से ड्राइवर आ नहीं पायेंगे इसलिए कंपनी लॉकडाउन खुलने का इंतजार कर रही है।


उन्होंने स्पष्ट किया कि लॉकडाउन के पहले आये हुए ऑर्डर कैंसल नहीं होंगे क्योंकि सभी को स्थितियां पता है इसलिए उन वाहनों की लॉकडाउन के बाद डिलीवरी हो जायेगी। वैसे भी अब आरटीओ खुल रहे हैं जिससे रजिस्ट्रेशन होगा और गाडियों की डिलीवरी करने में आसानी होगी।


विनोद अगरवाल ने आगे कहा कि कमर्शियल गाडियों का कारोबार इकोनॉमी से लिंक होता हैं। इसलिए यदि इकोनॉमी में गिरावट रहेगी तो कारोबार में भी गिरावट रहेगी और फिलहाल की स्थितियों को देखते हुए लगता है इस साल मंदी और बढ़ेगी।


इसके अलावा कंपनी ने अपनी स्ट्रैटजी बनाने पर काम कर रही है कि आगे चलकर ग्रोथ होती है, नंबर बढ़ते हैं तो क्या स्ट्रैटजी होगी और नंबर घटते हैं तो क्या स्ट्रैटजी होनी चाहिए। उनकी सलाह है बिजनेस सेक्टर को राहत पहुंचाने के लिए जीएसी रेट में संशोधन होने चाहिए।


टार्गेट इन्वेस्टिंग के समीर कालरा ने आयशर मोटर्स में 11000 रुपये के लक्ष्य के लिए बिकवाली  की सलाह दी है।


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