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IndiGo के फाउंडर्स का मतभेद बरकरार, क्या होगा निवेशकों का?

जानिए राकेश गंगवाल को बोर्ड से क्या शिकायत है?
अपडेटेड Aug 06, 2019 पर 12:15  |  स्रोत : Moneycontrol.com

IndiGo के को-फाउंडर राकेश गंगवाल और राहुल भाटिया के बीच सबकुछ ठीक नहीं हुआ है। कुछ दिन पहले ऐसी खबर आई थी कि दोनों के बीच सुलह हो गई है लेकिन अब यह मामला एकबार फिर सबके सामने आ गया है।


राकेश गंगवाल ने बोर्ड के डायरेक्टर्स को एक ओपन लेटर लिखा है कि उनके और राहुल भाटिया के बीच अभी भी मतभेद है। उन्होंने लिखा है कि रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन (RPT) और बोर्ड के गठन को लेकर अभी भी राहुल भाटिया के साथ अनबन है।


गंगवाल ने 5 अगस्त को लिखे अपने लेटर में कहा है कि मैं बार-बार यह दोहरा रहा हूं कि मैं कंपनी के एसोसिएशन से जुड़े नियमों बदलाव पर अपनी सहमति नहीं दे सकता हूं। मैंने पहले भी कई बार ईमेल पर लिखा है कि कॉम्प्लिमेंट्री बोर्ड रेज्योलूशन पास किया गया है ताकि IGE ग्रुप को ज्यादा अधिकार मिलने से रोका जा सके।


20 जुलाई की बैठक में यह फैसला लिया गया कि बोर्ड के सदस्यों की संख्या 10 होगी। इसके बाद यह प्रस्ताव रखा गया कि IGE के दो नए सदस्य और दो नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति की जाएगी।


फिलहाल बोर्ड में 6 सदस्य हैं। इनमें चेयरमैन एम दामोदरन, राहुल भाटिया, रोहिणी भाटिया, अनिल पराशर हैं। नॉन एग्जिक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर अनुपम खन्ना और राकेश गंगवाल शामिल हैं। इंडिगो में गंगवाल की 36.7 फीसदी हिस्सेदारी है।