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ओपीडी में नंबर्स कम हुए हैं लेकिन हालात सुधरने पर आयेंगे पेशेंटः Shalby Hospitals

कोविड के चलते इलेक्टिव सर्जरी की तारीखें टल रही हैं लेकिन कंपनी उनको अच्छी सर्विस दे रही है जैसे हालात सुधरेंगे हमारी और उनकी तरफ से वापस संपर्क होगा।
अपडेटेड Apr 25, 2020 पर 10:50  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नो योर कंपनी में आज रडार पर Shalby Hospitals है। कंपनी के पास मल्टी स्पेशियालिटी हॉस्पिटल हैं। इसके हॉस्पिटल complex joint replacement strategies जैसे orthopaedics procedures में मार्केट लीडर है। इसके अलावा कंपनी के हॉस्पिटल Cardiology, Neurology, Oncology, Transplants में भी अपनी सेवाएं देते हैं। कंपनी के भारत सहित केन्या, तंजानिया, यूएई, बांग्लादेश, ओमान और नेपाल में outpatient clinics भी चलते हैं।


कंपनी का मार्केट कैप 700 करोड़ रुपये है। इसमें प्रमोटर्स की 79.44 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी के शेयर का 52 हफ्तों का उच्च स्तर 139  रुपये जबकि निचला स्तर 40 रुपये है। इसका वर्तमान भाव 65 रुपये है। ये शेयर अपने उच्च स्तर करीब 50 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है।


सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2019 में कंपनी की आय 470 करोड़ रुपये रही जबकि वित्त वर्ष 2018 में  कंपनी की आय 392 करोड़ रुपये रही थी।


Shalby Hospitals के डायरेक्टर शनय शाह ने सीएनबीसी-आवाज़ से बातचीत करते हुए कहा कि सब जगह ओपीडी कम हुई है नंबर्स कम हो रहे हैं। लेकिन कंपनी केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। कंपनी ने बॉम्बे और अहमदाबाद में सरकार की मदद करने का ऑफर दिया है।


कोविड के ट्रीटमेंट पर उन्होंने कहा कि इनके अस्पताल कोविड पर उपचार नहीं दे रहे हैं लेकिन अपने अस्पतालों में कोविड की टेस्टिंग कर रहे हैं। पॉजिटिव आने पर इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में ट्रांसफर कर रहे हैं।


कोविड के चलते इलेक्टिव सर्जरी की तारीखें टल रही हैं लेकिन कंपनी उनको अच्छी सर्विस दे रही है जैसे हालात सुधरेंगे हमारी और उनकी तरफ से वापस संपर्क होगा। यानी कि जैसे ही माहौल अच्छा होगा सारे पेंशेंट आयेंगे और ईलाज करवाएंगे। 21 अप्रैल से छूट के बाद थोड़ी हलचल देखने को मिली है।


कंपनी के अस्पतालों के पास 2000 बेड हैं। ये एक नेट कैंश कंपनी है। कंपनी के पास 77 करोड़ का कैश है। पिछले 3 सालों में कंपनी की ग्रोथ 8 से 10 प्रतिशत रही है।


लॉकडाउन पर राय देते हुए उन्होंने कहा कि जब ये खुलेगा तो मरीजों का नंबर बढ़ेगा। इसलिए उनका सुझाव है कि बाहर निकलने के लिए केवल 21 से 60 साल की उम्र वालों को ही अनुमति दी जानी चाहिए।


भारत में कोरोना के अब तक के प्रभाव पर शनय ने कहा कि भारतीयों की इम्युनिटी अच्छी है। इसलिए इंडियन को ज्यादा प्रभावित नहीं कर रहा है। ये वायरस भारतीय माहौल में ज्यादा सस्टेन नही कर पा रहा है। विश्व में इस महामारी के चलते डेथ रेट 7 से 8 प्रतिशत रहा जबकि भारत में ये 2 से 3 प्रतिशत है।


सेठी फिनमार्ट के विकास सेठी की राय है कि इस शेयर को 90 रुपये के लक्ष्य के लिए होल्ड करना चाहिए।


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