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बाजार से गायब होने वाली है Parle की 50 पैसे वाली Kismi Toffee

पारले अपनी मशहूर 50 पैसे की कैंडीज का प्रोडक्शन बंद करने जा रही है
अपडेटेड May 10, 2019 पर 10:26  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कन्फेक्शनरी मार्केट में खास पहचान रखने वाली कंपनी Parle Products Pvt. Ltd. अपनी मशहूर 50 पैसे की Kismi Toffee, Orange Bite, London Dairy और Mango Bite का प्रोडक्शन आखिरकार बंद करने जा रही है। 50 पैसे की इन कैंडीज पर कंपनी को बहुत ही कम मार्जिन का मुनाफा हो रहा था, जिसके बाद कंपनी ने यह फैसला लिया है।


कंपनी ने पहले ही अपनी कैंडीज एक रुपए के वेरियंट में लॉन्च कर दिया है। इस वेरियंट में कंपनी ने कई फ्लेवर्स में टॉफी लॉन्च की है, जिनमें कुल्फी, रोज मिल्क और मीठा पान शामिल हैं। कंपनी ने यूनिट का साइज भी 2 ग्राम से बढ़ाकर 3.9 ग्राम कर दिया है।


6 साल पहले तक किसमी टॉफी और ऑरेंज बाइट 25 पैसे में आती थीं लेकिन कंपनी ने इनका दाम 50-50 पैसे कर दिया था क्योंकि कंपनी को कुछ निश्चित स्टॉक कीपिंग यूनिट में काफी नुकसान हो रहा था। लेकिन अब कंपनी ने 50 पैसे का प्रोडक्शन भी बंद कर दिया है और अब उसे 1 रुपए के वेरियंट में लॉन्च किया है। लाइव मिंट को एक इंटरव्यू में कंपनी के सीनियर कैटेगरी हेड कृष्ण राव एस बुद्ध ने बताया कि कंपनी अब बस एक रुपए के प्रोडक्ट पर फोकस कर रही है और अब 50 पैसे में कोई भी प्रोडक्ट लॉन्च नहीं होगा।


ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी कन्फेक्शनरी कंपनी ने अपना 50-50 पैसे के सेगमेंट में कोई प्रोडक्ट बंद किया हो। इसके पहले हैप्पीडेंट चुइंग गम बनाने वाली परफेटी वान मेल इंडिया, आलपेनलीबे कैंडी और मॉन्डलेज इंडिया ने 2014 में 50 पैसे वाली कैंडीज को बंद कर दिया था।


हालांकि, पारले ने अपने 50 पैसे के प्रोडक्ट्स को अभी बंद नहीं किया है। एक रुपए का सेगमेंट लॉन्च करने के बाद भी कंपनी ने अपने 50 पैसे के प्रोडक्ट्स को बंद नहीं किया है। कंपनी का कहना है कि जब तक कस्टमर्स को एक रुपए में प्रोडक्ट खरीदने की आदत नहीं हो जाएगी तब तक वह पूरी तरीके से प्रोडक्ट को बाजार से खत्म नहीं करेंगे क्योंकि अगर आप मार्केट से पूरा प्रोडक्ट हटा लेते हैं और उससे ज्यादा कीमत के वैरियंट में कोई प्रोडक्ट लाते हैं तो इन्वेस्टमेंट नहीं मिलेगा और लोग प्रॉडक्ट खरीदना बंद कर देंगे।


इसके अलावा पारले इस साल कई सारे प्रोडक्ट्स को रीलॉन्च करने की तैयारी में भी है। कंपनी, रोला-कोला टॉफी जो 2006 में बंद हो गई थी, को दोबारा लांच करने वाली है। पहले यह 2 रुपए में मिलती थी जो अब 5 रुपए में मिलेगी। इसके अलावा कंपनी पॉपिंस को पॉपिंस मज़ेलो नाम से लांच कर रही है।


पारले के कुल बिजनेस में कन्फेक्शनरी की 15 फीसदी हिस्सेदारी है जिसमें 60 फीसदी बिजनेस 50 पैसे की कैंडीज से आता है। इस सेगमेंट का अच्छा-खासा बाजार टियर-2 और टियर-3 शहरों में और गांव में है।