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PMC Bank के जमाकर्ताओं को पैसे वापस मिलने में होगी और देरी, RBI ने 30 जून तक बढ़ाया प्रतिबंध

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने PMC Bank पर लगा प्रतिबंध 30 जून 2021 तक बढ़ा दिया है
अपडेटेड Mar 27, 2021 पर 08:51  |  स्रोत : Moneycontrol.com

पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (PMC Bank) के जमाकर्ताओं (depositors) को बैंक में फंसा हुआ उनका पैसा वापस मिलने में अभी और समय लग सकता है। रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा कि बैंक की वित्तीय स्थिति को देखते हुए इसके रेजोल्यूशन प्रक्रिया में और अधिक समय लगने की आशंका है। RBI ने कहा कि उसे PMC Bank रीकंस्ट्रक्शन के लिए कई निवेशकों के बाइंडिंग ऑफर मिले हैं।

इसी के साथ RBI ने PMC Bank पर लगा प्रतिबंध 30 जून तक बढ़ा दिया है। RBI ने शुक्रवार को कहा कि 3 नवंबर को मंगाए गए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) के तहत बैंक के रीकंस्ट्रक्शन के लिए उसे कई आवेदन मिले हैं। RBI और PMC Bank इन निवेशकों से बैंक के जमाकर्ताओं और दूसरे स्टेकहोल्डर्स के लिए बेस्ट डील हासिल करना चाहती है। RBI ने कहा कि यह काफी जटिल प्रक्रिया है, जिसमें अभी और समय लग सकता है।

PMC Bank के प्रपोजल के मुताबिक, इसका रीकंस्ट्रक्शन करने वाले इंवेस्टर्स को इसके कैपिटल टू रिस्क वेटेड ऐसेट्स रेशियो का 9% मिनिमम कैपिटल इंवेस्ट  करना होगा। जनवरी, 2021 में पेमेंट सर्विस कंपनी BharatPay ने कहा था कि वह PMC Bank के अधिग्रहण को लेकर इच्छुक है।

बैंक को बोर्ड को भंग कर दिया था

आपको बता दें कि लोन संबंधी घोखाधड़ी और घोटाले में बैंक के कई सीनियर कर्मचारियों के संलिप्त पाए जाने के बाद RBI ने एक सितंबर, 2019 में बैंक से पैसे निकालने पर रोक लगा दी थी और बैंक को बोर्ड को भंग कर दिया था। बैंक में कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आई थीं। साथ ही बैंक द्वारा रियल एस्टेट कंपनी HDIL को दिए गए लोन की सही जानकारी नहीं दी गई थी और इसमें भी घोटाले के आरोप हैं।

RBI ने नियुक्त किया प्रशासक

RBI ने 20 जून, 2020 को जमाकर्ताओं के लिए कैश विड्रॉअल की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया था। हालांकि, घोटाले का शिकार बने इस सहकारी बैंक पर नियामकीय अंकुश (Regulatory Restrictions) छह महीने के लिए बढ़ाकर 22 दिसंबर, 2020 तक कर दिया था। इससे पहले रिजर्व बैंक ने पांच जून, 2019 को निकासी की सीमा प्रति जमाकर्ता बढ़ाकर 50,000 रुपये की थी।

वहीं, 23 सितंबर को RBI ने कहा कि व्यापक स्तर पर घाटा और डिपोजिट में कमी PMC Bank के पुनरुद्धार के रास्ते में बाधा हैं। साथ ही RBI ने बैंक के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व महाप्रबंधक एके दीक्षित को नया प्रशासक नियुक्त कर दिया।

ये है पूरा मामला

PMC Bank ने अवैध तरीके से HDIL ग्रुप को 6500 करोड़ रुपये लोन दिया था, जो सितंबर 2019 में बैंक के टोटल लोन बुक साइज 8880 करोड़ रुपये का का 73% था।  मार्च, 2019 में बैंक का डिपोजिट बेस 11,617 करोड़ रुपये था।

यह घोटाला उजागर होने के बाद PMC Bank के पूर्व एमडी जॉय थॉमस और पूर्व चेयरमैन वरयाम को पिछले साल अक्टूबर में मुंबई की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने गिरफ्तार किया था।

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