पीएनबी में बड़ा घोटाला, 177 करोड़ डॉलर का फर्जी ट्रांजैक्शन -
Moneycontrol » समाचार » कंपनी समाचार

पीएनबी में बड़ा घोटाला, 177 करोड़ डॉलर का फर्जी ट्रांजैक्शन

प्रकाशित Wed, 14, 2018 पर 12:51  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पीएनबी में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। बैंक की मुंबई की एक ब्रांच में 177 करोड़ डॉलर के फर्जी लेनदेन का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ये मामला मुंबई के ब्रैडी हाउस ब्रांच से जुड़ा है और सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। इस खबर के बाद पीएनबी का शेयर 5 फीसदी से ज्यादा टूट गया। साथ ही बैंक की आंतरिक कमेटी भी मामले की जांच कर रही है। इस मामले में बैंक के 2 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।


अपडेट ये है कि नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के खिलाफ सीबीआई के बाद ईडी ने भी केस दर्ज कर लिया है। वहीं पंजाब नेशनल बैंक ने 30 बैंकों को इस बारे में चिट्टी लिखी है। सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि कि वो कंपनी फायरस्टार डायमंड को बेचकर नीरव मोदी पैसा चुका सकते हैं।


इस मामले में बैंक के 2 अधिकारियों और बड़े ज्वेलर नीरव मोदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एपआईआर में मेहुल चोकसी का नाम भी शामिल है। इन पर एलओयू यानि लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिए नुकसान पहुंचाने का आरोप है। बैंक ने 10 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं नीरव मोदी ने बैंक को चिट्ठी लिखकर पैसे चुकाने का वादा किया है। नीरव मोदी अपनी कंपनी फायरस्टार डायमंड को बेचकर पैसे चुकाएंगे। फायरस्टार डायमंड की कुल कीमत 6435 करोड़ रुपये है। नीरव मोदी ने इसके लिए बैंक से 6 महीने तक का वक्त मांगा है।


आपको बता दें कि नीरव मोदी 48 साल के ज्वेलरी डिजाइनर और देश के 85 वें सबसे ज्यादा अमीर शख्स हैं। फोर्ब्स इंडिया की लिस्ट में उनका नाम 85वें नंबर पर है। ये फायरस्टार डायमंड के फाउंडर हैं। कंपनी की संपत्ति 1.73 अरब डॉलर है। इन्होंने साल 2013 में डायमंड ज्वेलरी हाउस की शुरुआत की।


वहीं इस पूरे मामले में गीतांजलि ने सफाई दी है। गीतांजलि ने कहा है कि उनकी कंपनी का पंजाब नेशनल बैंक और इसके अधिकारियों के साथ कोई गैरकानूनी ट्रांजैक्शन नहीं है। उन्होंने मीडिया से अपील भी की है कि सिर्फ अनुमान के आधार पर उनकी कंपनी और प्रोमोटरों के नाम को इसमें घसीटना ठीक नहीं है और इससे कंपनी के ब्रांड को धक्का लग रहा है।


इधर सरकार की भी नजर इस पूरे मामले पर बनी हुई है। बैंकिंग सचिव ने कहा की फर्जी ट्रांजैक्शन का मामला साल 2011 का है जिसके लिए 10 कर्मचरियों को सस्पेंड किया गया है और 2 कर्मचारी नामजद हुए हैं। बैलेंसशीट साफ करने के लिए एक्शन लिया गया है और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई हुई है।