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राहत पैकेज से डिमांड को मिलेगा बूस्ट और बिजनेस को मजबूती:निर्मला सीतारमण

20 लाख करोड़ के राहत पैकेज पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने CNN NEWS 18 से एक्सक्लूसिव बातचीत की है।
अपडेटेड May 21, 2020 पर 18:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

20 लाख करोड़ के राहत  पैकेज और आत्मनिर्भर भारत पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने CNN NEWS 18 से एक्सक्लूसिव बातचीत की है। मारिया शकील के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में FM ने कहा है कि राहत पैकेज से डिमांड को बूस्ट मिलेगा और बिजनेस को मजबूती। उन्होंने ये भी कहा कि कोरोना से जंग में भारत ने सराहनीय काम किया है। इसके अलावा छंटनी और मजदूरों पर भी FM ने अपनी बात कही है।


इनडायरेक्ट पैकेज क्यों ? इस सवाल का जवाब देते हुए FM ने कहा कि ये सवाल लगातार पूछे जा रहे हैं। लोग पूछते हैं कि सीधा पैसा क्यों नहीं दिया। हमने सोच समझ के ऐसा पैकेज बनाया है। उस रास्ते पर ऐतराज नहीं, मगर हमने ये रास्ता चुना है। हमने इकोसिस्टम में सुधार से निवेश बढ़ाने पर जोर दिया है। कोरोना की जंग में भारत ने सराहनीय काम किया है। हम नहीं चाहते भारतीय कंपनियां सस्ते में बिकें।


उन्होंने आगे कहा कि कोरोना महामारी से ग्लोबल इकोनॉमी को झटका लगा है। हम इकोसिस्टम में सुधार के लिए कदम उठा रहे हैं। कोरोना की वजह से अनिश्चितता बढ़ी है। इससे हुए नुकसान के एसेसमेंट करने की कोई सीमा नहीं है। लॉकडाउन के बाद ही एसेसमेंट पर विचार करेंगे।


इस बातचीत में FM ने बताया कि इस वक्त टैक्स से जुड़े मुद्दे पर विचार नहीं किया जा रहा है। पर्सनल और डायरेक्ट टैक्स में कटौती पर विचार नहीं हो रहा है। मजदूरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष मजदूर के मुद्दों पर राजनीति कर रही है। डाटा रखने की जिम्मेदारी केंद्र, राज्यों की है। लेबर रिफॉर्म्स पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हमारी सरकार लेबर रिफॉर्म्स पर गंभीर है। लॉकडाउन बढ़ने से मजदूरों के मन में डर बढ़ा है। गरीब कल्याण योजना का लक्ष्य है कोई भूखा ना रहे और सरकार उसी पर काम कर रही है।


FM ने  आगे कहा कि लोगों के पास पैसा आएगा, तो मांग बढ़ेगी। हम जिस रास्ते पर हैं, उससे मांग बढ़ेगी। MSMEs के खुलने से भी मांग बढ़ेगी। लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियां बंद हुईं। हमने एक्सपर्ट से चर्चा के बाद ही पैकेज का एलान किया है।


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