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सेंसेक्स-निफ्टी में करेक्शन! इन 20 शेयरों से कमाएं बंपर मुनाफा

2 अगस्त तक जुटाए आंकड़ों के मुताबिक, निवेशकों का वेल्थ 11 लाख करोड़ रुपए तक घट गया
अपडेटेड Aug 06, 2019 पर 14:22  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इस साल 5 जुलाई को बजट पेश होने के बाद भारतीय शेयर बाजार में सबसे बड़ी गिरावट आई है। इससे बेंचमार्क सूचकांक अपने अहम लेवल से नीचे आ गए हैं। सेंसेक्स टूटकर 37,000 से नीचे आ गया और निफ्टी 50 भी 10,900 के लेवल से अभी नीचे है।


2 अगस्त तक जुटाए आंकड़ों के मुताबिक, निवेशकों का वेल्थ 11 लाख करोड़ रुपए तक घट गया। BSE की लिस्टेड कंपनियों का एवरेज मार्केट कैपिटलाइजेशन 2 अगस्त 2019 को घटकर 139.98 लाख करोड़ हो गया। यह 5 अगस्त 2019 को 151.35 लाख करोड़ रुपए था।


भारतीय शेयर बाजार में इतनी बड़ी गिरावट के लिए घरेलू और वैश्किव दोनों वजहें अहम हैं। घरेलू मोर्चे पर देखें तो बजट में फॉरेन इनवेस्टर्स पर टैक्स सरचार्ज लगाने का प्रस्ताव पेश किया गया था, जिससे बिकवाली शुरू हो गई। इसके अलावा कंपनियों के कमजोर नतीजों और सामान्य से कमजोर मॉनसून के कारण भी हालात बिगड़े हैं। वैश्विक कारणों में देखें तो अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते ट्रेड वॉर से बाजार परेशान है।   


भारतीय शेयर बाजार फिलहाल अपने 5 महीने के निचले लेवल पर हैं। ऐसे में आप अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर सकते हैं। ऐसी कई ब्लूचिप कंपनियां है जिनमें डबल डिजिट में गिरावट आई है। ऐसे में आप सही शेयरों का चयन करके अपना पोर्फफोलियो बेहतर बना सकते हैं।


अगर आप अभी निवेश कर रहे हैं तो कम से कम 5 साल तक उसमें बने रहे। फिलिप कैपिटल के हिसाब से जिन शेयरों में आपको निवेश करना चाहिए वो ये हैं।


ब्रोकरेज फर्म-फिलिप कैपिटल


HDFC Bank

ICICI Bank

Axis Bank

SBI

TCS

Infosys

HUL

Marico

Asian Paints

Jubilant FoodWorks

Bajaj Electrical

Somany Ceremics

L&T

UltraTech Cement

JK Cement

Container Corp

NCC

PNC Infra

Divis Lab

Biocon

Aarti Industries


ब्रोकरेज फर्म- कोटक सिक्योरिटीज


Engineera India


Equitas Holdings

ITC

ONGC


SBI


Welspun Corp


ब्रोकरेज फर्म- एमके ग्लोबल


Cipla


Divis Lab

HDFC Bank

HDFC Ltd

ICICI Bank

ICICI pru Life

L&T

Marico

NTPC

Tata Steel

United Breweries


कोटक सिक्योरिटीज ने अपने नोट में कहा है कि मेरे हिसाब से लार्जकैप शेयरों के बजाय मिड-स्मॉलकैप में निवेश से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। इससे पहले 2014-17 के बीच मिडकैप ने एब्सॉल्यूट 70 फीसदी का रिटर्न दिया था।