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Jet Airways का डब्बा गुल! NCLT में लेकर पहुंचे बैंक

प्रकाशित Tue, 18, 2019 पर 08:52  |  स्रोत : Moneycontrol.com

जेट एयरवेज का भविष्य अब पूरी तरीके तगभग तय हो गया है। बंद पड़ी इस विमानन कंपनी को अब तक कोई निवेशक नहीं मिले हैं। लिहाजा कंशोर्सियम अब जेट एयरवेज के खिलाफ दिवालिया घोषित करने क लिए इसे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में ले जाने का फैसला किया है। जो आईबीसी के तहत आगे कार्रवाई पर फैसला करेगा। ऐसे में शायद है कि जेट एयरवेज अब जमीन से ऊपर उठ पाएगी।


बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, सोमवार को एयरलाइन को फिर से शुरु करने के लिए एसबीआई की अगुवाई में बैठक हुई। लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। इसलिए कर्जदाताओं ने फैसला किया कि आबीसी के तहत जेट एयरवेज का फैसला किया जाएगा। हालांकि एक निविदा आई थी, जिसके साथ कुछ शर्तें भी थी। इसमें बैंकों को अपना कर्ज माफ करने के लिए कहा गया था। जो कि बैंक के हित में नहीं है।


 जेट एयरवेज के दो परिचालकीय कर्जदाताओं (ऑपरेटिव लेंडर्स)  व्हील्स और गग्गर एंटरप्राइजेज ने अपने बकाए की वसूली के लिए पहले से NCLTमें दस्तक दे चुके हैं। इस मामले में जेट एयरवेज को नोटिस भी जारी किया जा चुका है, जिसकी सुनवाई 20 जून को होगी।


इस मामले से जुड़े एक जानकार ने कहा कि एसबीआई की अगुआई में बैंकरों ने जेट को उबारने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किया। उन्होंने करीब एक साल की देरी से काम शुरू किया। जेट में निवेश वाले दो सरकारी बैंकों के अधिकारियों ने कहा कि एसबीआई और पंजाब नेशनल बैंक के बीच इस मामले में मतभेद थे। यही वजह थी कि 1,500 करोड़ रुपये के आपात निवेश की योजना कभी परवान नहीं चढ़ पाई। सबकुछ एतिहाद पर टिका था जो किसी तरह के समझौते के लिए तैयार नहीं थी। उसकी जेट में 20 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी है।


जेट एयरवेज में नकदी संकट के कारण अप्रैल में ही ऑपरेशन बंद हो गया था। पट्टे पर विमान देने वाली कंपनियों ने अपने सभी सभी विमानों को कब्जे में ले लिया। इसके अलावा अन्य विमानन कंपनियों ने जेट एयरवेज के एयरपोर्ट स्लॉट हथिया लिए। जेट एयरवेज के पास कुल 14 विमान हैं।


इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने जेट एयरवेज के शेयरों की ट्रेडिंग पर 28 जून से पाबंदी लगा दी है। इस पर एनसीएई का कहना है कि कंपनी ने अपने बारे में आ रही अफवाहों का सही जवाब देने में नाकाम रही। जेट एयरवेज का जवाब संतोषजनक नहीं था।