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रेगुलेटर की गलती निकालने के बजाय पैसे लौटाने पर फोकस करे फ्रैंकलिन टेम्पल्टन: सेबी

इससे एक दिन पहले फ्रैंकलिन के ग्लोबल चीफ ने कहा था कि सेबी के नियम की वजह से उनकी मुश्किल बढ़ी है
अपडेटेड May 09, 2020 पर 14:55  |  स्रोत : Moneycontrol.com

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने फ्रैंकलिन टेम्पल्टन (Franklin Templeton) को "सलाह" दी है कि वह अपना फोकस निवेशकों का पैसा रिटर्न करने पर रखे। फ्रैंकलिन टेम्पल्टन ने अपनी 6 डेट स्कीम्स बंद कर दी जिसकी वजह से कई निवेशकों के पैसे फंस गए हैं। इससे एक दिन पहले फ्रैंकलिन टेम्पल्टन के चीफ ने कहा था कि अक्टूबर 2019 में सेबी के एक नियम की वजह से उसकी मुश्किल बढ़ गई थी। सेबी के इस नियम के मुताबिक, म्यूचुअल फंड्स किसी स्कीम में अपनी होल्डिंग का 10 फीसदी से ज्यादा नॉन-कवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) में निवेश नहीं कर सकते हैं। हालांकि सेबी ने इस नियम को सही ठहराया है।


इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, फ्रैंकलिन टेम्पल्टन के ग्लोबल CEO जेनिफर जॉनसन ने कहा था कि सेबी के इस नियम के बाद  उनके फंड का करीब एक तिहाई हिस्सा "अनाथ" हो गया क्योंकि सर्कुलर के बाद अनलिस्टेड NCDs में ट्रेड नहीं हो सकता था।


इसके जवाब में गुरुवार शाम सेबी ने कहा कि डेट मार्केट पर कोरोनावायरस का असर होने की वजह से इन नियमों की डेडलाइन बढ़ा दी गई थी।


सेबी की रिलीज के मुताबिक, "रेगुलेशन साफ होने के बावजूद कुछ म्यूचुअल फंड स्कीम्स को हाई-रिस्क, अलनिस्टेड, लो क्रेडिट रेटिंग वाले स्ट्रक्चर्ड डेट सिक्योरिटीज माना गया।"


सेबी ने कहा कि फंड हाउस के पास 12 महीने का वक्त है जब उन्हें अपना पोर्टफोलियो रीबैलेंस नहीं करना है। लिहाजा फिलहाल उन्हें अपना पूरा ध्यान निवेशकों का पैसा लौटाने पर रखना चाहिए। फ्रैंकलिन के 6 स्कीम्स में निवेशकों के करीब 26,000 करोड़ रुपए फंसे हैं।


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