Moneycontrol » समाचार » कंपनी समाचार

Smelter प्लांट को लेकर स्थानीय लोगों से बातचीत जारी, जल्द सुलझाएंगे समस्या: HIND ZINC

कंपनी ने FY22 के कैपेक्स प्लान में कोई बदलाव नहीं किया। FY22 में 300 मिलियन डॉलर निवेश का लक्ष्य रखा है।
अपडेटेड Jul 23, 2021 पर 15:05  |  स्रोत : Moneycontrol.com

HIND ZINC के नतीजे अनुमान के आसपास ही रहे हैं। कंपनी का मुनाफा करीब 46 फीसदी बढ़ा है। आय में करीब 65 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। इस तिमाही में कंपनी को 1,983  करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है जो कि पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी को 1,359 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। हालांकि  CNBC-TV18 Poll में अनुमान किया गया था कि पहली तिमाही में कंपनी का मुनाफा 2,237 करोड़ रुपए पर रह सकता है।


इस तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में भी शानदार बढ़त देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में कंपनी की आय 63.6 फीसदी बढ़कर 6,378 करोड़ रुपये पर रही  है जबकि पिछले साल की  इसी तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू 3,898 करोड़ रुपये पर रही थी ।


हालांकि  CNBC-TV18 Poll में अनुमान किया गया था कि पहली तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू 6,506  करोड़ रुपए पर रह सकता है।


30 जून 2021 को खत्म हुई पहली तिमाही में कंपनी का EBITDA 3,405 करोड़ रुपए रहा है जो वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में 1,485 करोड़ रुपए पर रहा था। CNBC-TV18 Poll में अनुमान किया गया था कि पहली तिमाही में कंपनी का EBITDA 3,561 करोड़ रुपए पर रह सकता है।


पहली तिमाही में कंपनी का EBITDA Margin 38.1 फीसदी से बढ़कर 53.4 फीसदी पर रहा है जबकि CNBC-TV18 Poll में अनुमान किया गया था कि पहली तिमाही में कंपनी का EBITDA Margin 54.7 फीसदी पर रह सकता है।


नतीजों और आगे की कमेट्री पर  बात करते हुए कंपनी के CEO Arun Misra ने कहा कि साल-साल दर आधार पर  पहली तिमाही में ओर उत्पादन 15 फीसदी बढ़ा है जबकि Metal Concentrate का उत्पादन 9 फीसदी बढ़ा है। वहीं मेटल का उत्पादन 17 फीसदी, चांदी का उत्पादन 37 फीसदी बढ़ा है


उन्होंने कंपनी के आगे के गाइडेंस पर बात करते हुए कहा कि FY22 के लिए उत्पादन के गाइडेंस को बदलाव नहीं करेंगे। जिंक की कीमतें  2800-2950 डॉलर  प्रति टन के बीच रहने की उम्मीद है। चीन के कदम से मेटल की कीमतों में हल्का दबाव बना हुआ है। Q1 में कंपनी की लागत ज्यादा रही है जिसे आगे कम करेंगे। 


कंपनी के प्रबंधन ने आगे कहा कि हमने कोरोना की दूसरी लहर में कामकाज बंद नहीं रखा है। हालांकि लोगों के कोरोना संक्रमित होने से सप्लाई में थोड़ी दिक्कतें आई है।


उन्होंने आगे कहा कि कंपनी ने FY22 के कैपेक्स प्लान में कोई बदलाव नहीं किया। FY22 में  300 मिलियन डॉलर निवेश का लक्ष्य रखा है। कंपनी की मौजूदा साल में गुजरात में Smelter लगाने की भी योजना है। Smelter प्लांट को लेकर कंपनी ने स्थानीय लोगों से बातचीत जारी है और कंपनी स्थानीय लोगों के साथ मिलकर समस्या जल्द सुलझाएंगे।  Fumer प्लांट नवंबर तक शुरू होने की उम्मीद है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें.