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TCS या इंफोसिस- किसमें निवेश से होगा फायदा

प्रकाशित Mon, 15, 2019 पर 12:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

IT की सबसे बड़ी कंपनियों में TCS और इंफोसिस ने 12 अप्रैल को मार्च तिमाही के नतीजे पेश कर दिए। जहां इंफोसिस का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट  साल-दर-साल आधार 10.5 फीसदी ग्रोथ के साथ 4,078 करोड़ रुपए रहा। वहीं कंपनी ने फिस्कल ईयर 2019-20 के लिए 7.5-9.5 फीसदी का टारगेट दिया है। वहीं TCS की प्रॉफिट ग्रोथ मार्च तिमाही में 17.7 फीसदी बढ़कर 8,162 रुपए रही।


मार्च तिमाही में इंफोसिस की आमदनी 19.1 फीसदी बढ़कर साल भर पहले के 18,083 करोड़ रुपए के मुकाबले बढ़कर 21,539 रुपए हो गई है। वहीं TCS की नेट सेल्स 18.5 फीसदी बढ़कर 32,075 करोड़ रुपए से बढ़कर 38,010 करोड़ रुपए हो गई है।


दोनों कंपनियों ने अपने-अपने नतीजे पेश कर दिए हैं। ऐसे में निवेशकों की परेशानी यह है कि वह दोनों में से किसे चुनें।


शेयरखान


शेयरखान के मुताबिक, चौथी तिमाही में TCS का प्रॉफिट बेहतर है। इसके मुकाबले मार्जिन के मोर्चे पर इंफोसिस ने निराश किया है। ईटी के मुताबिक, हालांकि दोनों कंपनियों पर शेयरखान ने बाय की कॉल दी है। इंफोसिस का टारगेट प्राइस 840 रुपए और TCS का टारगेट प्राइस 2400 रुपए तय हुआ है।


ऐसा पहली बार हुआ है जब दोनों कंपनियों ने एक ही दिन अपने नतीजे जारी किए हैं। इंफोसिस लगातार फ्यूचर ग्रोथ में निवेश कर रहा है जिसकी वजह से मार्जिन का गाइडेंस कमजोर हुआ है। हालांकि मैनेजमेंट का कहना है कि वह सेल्स बढ़ाने के लिए आक्रामक ढंग से निवेश कर रहे हैं।  
 


आनंद राठी


आनंद राठी के रिसर्च एनालिस्ट मोहित जैन का कहना है कि TCS की इनकम साल-दर-साल आधार पर 17 फीसदी रही। यह रुपए में हुई आमदनी के लगभग बराबर ही है। रुपए की वैल्यू में 9 फीसदी की गिरावट के बावजूद यह रुपए में आमदनी 19 फीसदी है।
 
इंफोसिस का गाइडेंस कमजोर है। दूसरी तरफ TCS की आगे की राह बेहतर नजर आ रही है। लिहाजा अब निवेशकों के लिए फैसला लेना मुश्किल नहीं है।