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BSNL-MTNL शुरू करेंगे कर्मचारियों से VRS पर बातचीत, 31 जनवरी, 2020 है स्कीम लेने की आखिरी तारीख

सरकार ने कर्मचारियों के VRS चुनने के लिए 31 जनवरी, 2020 तक की आखिरी तारीख रखी है
अपडेटेड Nov 04, 2019 पर 14:56  |  स्रोत : Moneycontrol.com

टेलीकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने सार्वजनिक क्षेत्र की टेलीकॉम कंपनियों BSNL और MTNL को बीएसएनएल और एमटीएनएल को voluntary retirement scheme (VRS) पर डायलॉग शुरू करने को कहा है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि उन्होंने VRS के दिशानिर्देशों के अलावा और संपत्तियों को बेचने या पट्टे पर देने जैसे मॉनेटाइजिंग के उपायों पर तेजी से कदम उठाने का निर्देश दिया है।


बता दें कि सरकार ने पिछले महीने घाटे में चल रही BSNL और MTNL के रिवाइवल के लिए 69,000 करोड़ रुपए के पैकेज की मंजूरी दी थी। इसमें घाटे में चल रही दोनों कंपनियों के विलय के अलावा उनके एसेट के मॉनेटाइजेशन के अलावा कर्मचारियों को वीआरएस दिया जाना भी शामिल है।


योजना है कि कंपनी अपने 50 साल से ज्यादा के कर्मचारियों को स्वेच्छा से VRS लेने का विकल्प देगी, ताकि कर्मचारियों की संख्या कम करके लागत कम की जा सके। सरकार VRS सेटलमेंट के लिए 17,160 करोड़ और 12,768 करोड़ रिटायरमेंट लायबिलिटी के लिए देगी। सरकार ने कर्मचारियों के VRS चुनने के लिए 31 जनवरी, 2020 तक की आखिरी तारीख रखी है। अनुमान है कि इन कदमों से यह PSUs दो साल में लाभ में आ सकेंगी।


प्रसाद ने शुक्रवार को दोनों कंपनियों के बोर्ड के साथ हुई मीटिंग में कंपनियों से कर्मचारियों के लिए वीआरएस योजना को तुरंत अंतिम रूप देने को कहा था और योजना को जल्द से जल्द अमल में लाने को कहा था। उन्होंने यह भी कहा था कि इस प्रोसेस पर वो खुद नजर रखेंगे।  प्रसाद ने BSNL और MTNL से अपने अधिकारियों और कर्मचारियों से वीआरएस पर सीधे बात करने को भी कहा।


BSNL में फिलहाल 1.76 लाख कर्मचारी काम करते हैं, इनमें से 1.06 लाख कर्मचारियों की उम्र 50 साल से ज्यादा है। वहीं MTNL में 22,000 कर्मचारी काम करते हैं। BSNL के कर्मचारियों पर कंपनी की कुल आय का 75 फीसदी हिस्सा खर्च होता है, वहीं MTNL की कुल आय का 80 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों पर खर्च होता है।


मीटिंग की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि मंत्री ने दोनों कंपनियों को साफ कर दिया है कि सरकार की ओर से इस जेनरस पैकेज के बाद उन्हें अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। उनका कहना था कि सरकार ने उन्हें मजबूत प्रोत्साहन पैकेज दिया है और उन्हें अब अधिक प्रतिस्पर्धी बनना होगा।


बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 23 अक्टूबर को हुई कैबिनेट की बैठक में BSNL और MTNL के विलय की योजना को मंजूरी दी गई थी। एमटीएनएल मुंबई और दिल्ली में सेवाएं देती है। वहीं बीएसएनएल शेष भारत में सेवाएं देती है।


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