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एरविन सिंह बराइच: कनाडा के इस रहस्यमयी निवेशक के पास ना हेडक्वार्टर है ना बैंकर

बराइच ने कहा कि उन्हें इस बैंक का लोगो बेहद पसंद आया और अगर इस बैंक का नाम "No Bank" होता तो वो इसमें दिलचस्पी नहीं लेते
अपडेटेड Dec 11, 2019 पर 08:45  |  स्रोत : Moneycontrol.com

 एरविन सिंह बराइच, एक रहस्यमयी टाइकून हैं जो मुश्किल में फंसी यस बैंक (Yes Bank) में 1.2 अरब डॉलर फंड लगाना चाहते हैं। एरविन सिंह का दावा है कि वह कनाडा के सबसे अमीर शख्स हैं।


मिंट के मुताबिक, जब हम एरविन सिंह के इंटरव्यू और कोर्ट केस को देखते हैं तो तस्वीर इतनी रंगीन नजर नहीं आती है। बराइच के पिता लकड़ी के धंधे में थे। एरविन सिंह बराइच का पिछला रिकॉर्ड देखेंगे तो पता चलेगा कि उनपर बैंकरप्सी, मुकदमा और कुछ बुरे बिजनेस डील हैं। उनका कोई हेडक्वार्टर नहीं है। कोई बैंकर नहीं है जो उनका पैसा मैनेज करे। फिलहाल यह कनाडा के एक थ्री स्टार मोटेल में रहते हैं।


यस बैंक का बोर्ड आज यह फैसला लेगा कि बराइच से 1.2 अरब डॉलर लिया जाए या नहीं। यस बैंक यह पैसा प्रीफरेंशियल शेयर सेल्स के जरिए लेने वाला था। बैंक का 60 फीसदी प्रीफरेंशियल शेयर बराइच और उनकी पार्टनर कंपनी हॉन्गकॉन्ग की SPGP होल्डिंग्स लेगी।


ब्लूमबर्ग ने सोमवार को लिखा था कि बैंक इस डील से इनकार कर सकता है और किसी संस्थागत निवेशक से फंड जुटाने का इंतजाम करेगा।


देश का चौथा सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक माना जाने वाला यस बैंक (Yes Bank) बैड लोन में फंसा हुआ है। यस बैंक को फंड की सख्त जरूरत है ताकि वह अपने कोर इक्विटी कैपिटल को दुरुस्त कर सके। अभी यस बैंक का कोर इक्विटी कैपिटल मिनिमम 8 फीसदी की सीमा से कुछ ही ज्यादा है। इस साल अब तक यस बैंक के शेयर 69 फीसदी गिर चुके हैं। इसी के साथ बैंक की मार्केट वैल्यू घटकर 143 अरब रुपए रह गई है।    


बराइच का कहना है कि उनके पास निवेश के लायक पैसा है और उन्होंने यस बैंक के CEO को सभी दस्तावेज मुहैया करा दिया है। हालांकि बराइच के बारे में पूछे जाने पर यस बैंक ने कोई जवाब नहीं दिया है। लाइव मिंट के मुताबिक, पिछले हफ्ते फोन पर दिए इंटरव्यू में 63 साल के बराइच ने कहा था, "मैं राडार पर हूं। हमारे कई होल्डिंग्स और एसेट्स हैं जिनके बारे में लोगों को कोई जानकारी नहीं है। मुझे नहीं लगता कि गिल मूर्ख आदमी हैं।" उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों सारे संदेह खत्म हो जाएंगे।


संदेह और भी!


बराइच की जिंदगी की कुछ ऐसी कहानियां हैं जिसके बारे में सबका जानना जरूरी है। पिछले दो दशक से वह परिवार के सदस्यों के साथ कई मुकदमे में फंसे हैं। कनाडा और अमेरिकी कोर्ट रिकॉर्ड्स के मुताबिक, बराइच पर क्रेडिटर्स और बिजनेस एसोसिएट्स ने भी कई केस कर दिए हैं।


एक मामला 2008 का है। उन्होंने डेमोक्रेटिव रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो से स्क्रैप मेटल खरीदने के बिजनेस प्लान में दो निवेशकों को जोड़ा। उन्होंने उन निवेशकों को  बताया कि वह मल्टीमीलियन डॉलर कमोडिटी ट्रेडिंग बिजनेस के मालिक हैं। इस मामले में न्यूयॉर्क में एक केस दर्ज है।


लाइव मिंट के मुताबिक, बराइच ने कहा कि यस बैंक उसकी दिलचस्पी की वजह सामान्य है। उन्होंने कहा, "मुझे बैंक का लोगो बहुत पसंद आया और मैंने अपने लोगों को बारीकी से ड्यू डिलिजेंस करने को कहा है।" बराइच ने कहा कि अगर इस बैंक का नाम "No Bank" होता तो मैं इसमें इंटरेस्ट नहीं लेता।



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