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AGR बकाया चुकाने के लिए Vodafone-Idea को चाहिए 15 साल

वोडाफोन-आइडिया ने Department of Telecommunications, वित्त मंत्रालय और नीति आयोग को एक चिट्ठी लिखी है
अपडेटेड Feb 27, 2020 पर 17:19  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Vodafone-Idea ने अपने ऊपर बकाया AGR (adjusted gross revenue) चुकाने के लिए सरकार से 15 सालों का वक्त मांगा है। खबर यह भी है कि कंपनी ने अपने बकाए की रकम में छूट की मांग भी की है।  DoT के असेसमेंट के हिसाब से कंपनी पर 57,000 करोड़ का बकाया है,जिसमें से उसने 3,500 करोड़ चुका दिए हैं। हालांकि, कंपनी ने अपने सेल्फ असेसमेंट में कहा है कि उसपर 23,000 करोड़ का बकाया है। सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को 16 मार्च तक अपना पूरा बकाया चुकाने को कहा है।


Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, वोडाफोन-आइडिया ने Department of Telecommunications (DoT), वित्त मंत्रालय और नीति आयोग को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें कहा गया है कि कंपनी अगले तीन सालों की राहत के बाद 15 सालों के अंतराल में ये बकाया चुकाना चाहती है। कंपनी ने यह चिट्ठी तब लिखी है, जब DoT के डिसीजन मेकिंग बॉडी Digital Communications Commission (DCC) की AGR बकाए और टेलीकॉम कंपनियों को राहत देने की संभावनाओं को लेकर एक बड़ी मीटिंग हो रही है।


इस चिट्ठी में कंपनी ने लिखा है कि कंपनी को मार्केट में बने रहने के लिए सरकार की मदद चाहिए। कंपनी ने वक्त के साथ-साथ अपने टैक्स रिफंड, लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूजेज़ चार्ज में भी राहत मांगा है। कंपनी ने 8,000 करोड़ का Goods and Services Tax (GST) रिफंड मांगा है।


टेलीकॉम कंपनियां सरकार को लाइसेंस फीस के तौर पर सरकार को सालाना 8 फीसदी देती हैं, वोडाफोन-आइडिया ने इसे 3 फीसदी करने की मांग की है। वहीं, स्पेक्ट्रम यूजेज़ चार्ज (SUC) को 1 फीसदी पर करने की मांग की गई। कंपनियां फिलहाल SUC 3-5% की दर पर देती हैं।


सुप्रीम कोर्ट ने 24 अक्टूबर को अपने एक फैसले में department of telecommunications (DoT) के AGR की परिभाषा को मान्य ठहराया था और टेलीकॉम कंपनियों को लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूज़ के चार्ज का बकाया चुकाने का आदेश दिया था। फिलहाल भारती एयरटेल ने 17 फरवरी को 10,000 करोड़ चुका दिए हैं, बाकी की रकम वो 17 मार्च से पहले चुका सकता है। वहीं, वोडाफोन-आइडिया ने भी 20 फरवरी तक 3500 करोड़ चुका दिए हैं।


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